15 देशों की यात्रा कर स्वदेश लौटे डॉक्टर प्रकाश टाटा, मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

जुन्नारदेव के गुड़ी अंबाड़ा निवासी डॉक्टर प्रकाश टाटा 15 देशों की आठ दिवसीय यात्रा पूरी कर स्वदेश लौट आए हैं। 22 अगस्त को मुंबई से रवाना हुए डॉक्टर टाटा 31 अगस्त की देर रात छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां परिजनों और मित्रों ने उनका स्वागत किया। यात्रा के दौरान उन्होंने विभिन्न देशों में आयुर्वेद, जड़ी-बूटी चिकित्सा, योग और ध्यान को स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए लोगों को प्रेरित किया।

Sep 6, 2026 - 12:53
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15 देशों की यात्रा कर स्वदेश लौटे डॉक्टर प्रकाश टाटा, मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञ राज पटेल, छिंदवाड़ा l जुन्नारदेव के गुड़ी अंबाड़ा निवासी डॉक्टर प्रकाश टाटा 15 देशों की आठ दिवसीय यात्रा पूरी कर स्वदेश लौट आए हैं। 31 अगस्त की देर रात वह मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे, जहां परिजनों और मित्रों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। स्वदेश लौटने के बाद डॉक्टर टाटा ने अपनी विदेश यात्रा को सुखद और सफल बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न देशों के लोगों से संवाद करने और आयुर्वेद, जड़ी-बूटी चिकित्सा, योग एवं ध्यान के बारे में जानकारी साझा करने का अवसर मिला।

डॉक्टर प्रकाश टाटा के अनुसार यह विदेश दौरा उनके पिछले दौरों से अलग और विशेष रहा। इस यात्रा के लिए उन्हें विदेशी सरकार की ओर से विशेष आमंत्रण मिलने की बात कही गई। खास बात यह रही कि उन्होंने महज आठ दिनों में 15 देशों की यात्रा पूरी की। उन्होंने 22 अगस्त को छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपनी यात्रा की शुरुआत की और 31 अगस्त को भारत वापस लौटे।

यात्रा के दौरान डॉक्टर टाटा ने आबू धाबी, पुर्तगाल, स्पेन, फ्रांस, बेल्जियम, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, जर्मनी, ऑस्ट्रिया, इटली, चेक गणराज्य, पोलैंड, स्लोवाकिया, हंगरी और डेनमार्क का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग देशों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों से मुलाकात की और उनके साथ स्वास्थ्य एवं जीवनशैली को लेकर चर्चा की।

डॉक्टर टाटा ने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें लिवर, किडनी, मिर्गी, माइग्रेन, हृदय संबंधी समस्या, कोलेस्ट्रॉल, घुटनों के दर्द, बांझपन, मस्कुलर और हिप्स से जुड़ी समस्याओं सहित विभिन्न स्वास्थ्य परेशानियों से जूझ रहे लोगों से मिलने का अवसर मिला। उन्होंने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए आयुर्वेद, योग और ध्यान को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने आयुर्वेद में उपयोग होने वाली जड़ी-बूटियों और पारंपरिक स्वास्थ्य पद्धतियों के बारे में भी लोगों को जानकारी दी। इसके साथ ही नियमित योग और ध्यान के माध्यम से शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। डॉक्टर टाटा का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग और ध्यान लोगों के लिए उपयोगी अभ्यास साबित हो सकते हैं।

डॉक्टर टाटा के अनुसार 15 देशों की इस यात्रा के दौरान उन्हें लोगों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कई लोगों ने आयुर्वेद, योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करने में रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि भारतीय पारंपरिक ज्ञान और जीवनशैली से जुड़े इन तरीकों के प्रति विदेशों में भी लोगों की रुचि देखने को मिली।

मुंबई एयरपोर्ट पर लौटने के बाद परिजनों और मित्रों ने डॉक्टर टाटा का स्वागत किया। यात्रा के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने इसे यादगार बताया और कहा कि विभिन्न देशों में लोगों से मिलना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश देना उनके लिए महत्वपूर्ण अनुभव रहा। आठ दिनों में 15 देशों की यात्रा के दौरान आयुर्वेद, योग और ध्यान के प्रचार-प्रसार को उन्होंने इस दौरे की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल बताया।