बारिश में दूधिया जलप्रपात बना आकर्षण का केंद्र, कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने निहारा गौरघाट का प्राकृतिक सौंदर्य
कोरिया जिले में बारिश के साथ प्राकृतिक सौंदर्य निखर उठा है। जंगलों और पहाड़ों के बीच स्थित गौरघाट का दूधिया जलप्रपात इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने गौरघाट पहुंचकर जलप्रपात और आसपास की प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद लिया। उन्होंने पर्यटकों से सुरक्षित यात्रा, सेल्फी के दौरान सावधानी और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l सावन-भादो की बारिश के साथ कोरिया जिले की प्राकृतिक खूबसूरती अपने पूरे शबाब पर है। चारों ओर हरियाली, पहाड़ों से गिरते झरने, कल-कल बहती नदियां और ठंडी हवाएं इन दिनों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। इन्हीं खूबसूरत नजारों के बीच जंगलों और पहाड़ों से घिरा गौरघाट का दूधिया जलप्रपात लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
बारिश के मौसम में पहाड़ों से तेज गति से गिरता सफेद पानी जब चट्टानों से टकराता है तो जलप्रपात का दृश्य बेहद मनमोहक नजर आता है। पानी की दूधिया धार, आसपास फैली हरियाली, पक्षियों की चहचहाहट और हवा के साथ झूमते पेड़ गौरघाट को प्रकृति प्रेमियों के लिए खास बना देते हैं।
कलेक्टर ने निहारा गौरघाट का सौंदर्य
कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने भी गौरघाट जलप्रपात का भ्रमण किया और यहां की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से निहारा। जलप्रपात और आसपास की वादियों को देखकर उन्होंने इसे कोरिया की खूबसूरत प्राकृतिक धरोहरों में से एक बताया।
कलेक्टर ने कहा कि उन्हें रायपुर सहित छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिला है। इस दौरान प्रदेश के कई नदी, पहाड़, जंगल और स्थानीय संस्कृति को करीब से देखने का मौका मिला, लेकिन गौरघाट का प्राकृतिक सौंदर्य अपने आप में खास है।
उन्होंने कहा कि जलप्रपात से गिरते पानी की आवाज, पक्षियों की चहचहाहट और पेड़ों की डालियों की सरसराहट ऐसा एहसास कराती है, जैसे सावन-भादो में पूरी वादियां प्रकृति के संगीत से सज गई हों।
प्राकृतिक सौंदर्य के साथ लोक संस्कृति भी खास
कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने कहा कि कोरिया जिले में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ स्थानीय लोक संस्कृति, रहन-सहन, खान-पान, बोली और लोगों का आत्मीय व्यवहार भी पर्यटकों को आकर्षित करता है।
उन्होंने कहा कि कोरिया अपनी प्राकृतिक संपदा और समृद्ध स्थानीय संस्कृति के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। ऐसे प्राकृतिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के साथ इनके संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
पर्यटकों से सुरक्षा और स्वच्छता की अपील
कलेक्टर ने गौरघाट सहित जिले के सभी पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों से सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि जलप्रपात और पहाड़ी क्षेत्रों में भ्रमण करते समय सावधानी बरतें और फोटो या सेल्फी लेते समय जोखिम वाले स्थानों पर जाने से बचें।
उन्होंने पर्यटकों से प्लास्टिक और अन्य कचरा खुले में नहीं फेंकने की अपील की। कलेक्टर ने कहा कि पर्यटक गौरघाट की खूबसूरती को निहारें, यहां की प्राकृतिक यादों को अपने साथ ले जाएं, लेकिन प्रकृति को नुकसान न पहुंचाएं।
उन्होंने लोगों से हरियाली और पर्यावरण संरक्षण के लिए अपने घर, खेत, बाड़ी, तालाब या खुले मैदान में कम से कम एक पौधा लगाने की अपील भी की, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रकृति की यह खूबसूरती सुरक्षित रह सके।