सरकार बताए कहां हैं 1467 गोधाम, योजना कागजों तक सीमित : कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने 1467 गोधाम बनाने की योजना की धीमी प्रगति को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गौठान योजना बंद करने के बाद गोधाम बनाने का दावा किया गया, लेकिन योजना अब तक धरातल पर दिखाई नहीं दे रही है। कांग्रेस ने सड़कों पर मवेशियों की मौजूदगी, सड़क दुर्घटनाओं और पशु संरक्षण व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगा है।

Aug 12, 2026 - 16:27
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सरकार बताए कहां हैं 1467 गोधाम, योजना कागजों तक सीमित : कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने प्रदेश में प्रस्तावित 1467 गोधाम की धीमी प्रगति को लेकर भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गौठान योजना बंद करने के बाद भाजपा सरकार ने पहले गो-अभ्यारण्य और फिर गोधाम बनाने की बात कही थी, लेकिन 1467 गोधाम की योजना अब तक धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही है। कांग्रेस ने सरकार से पूछा है कि आखिर ये गोधाम कहां हैं और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है।

वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि गौठान व्यवस्था बंद होने का असर सड़कों पर दिखाई दे रहा है। उनके अनुसार सड़कों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा है और कई स्थानों पर मवेशियों की मौत की घटनाएं भी सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि खुले में मवेशियों के घूमने से किसान भी परेशान हैं और राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

गौ संरक्षण व्यवस्था पर सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गौ संरक्षण के नाम पर केवल घोषणाएं कर रही है और जमीनी स्तर पर ठोस व्यवस्था नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों, पंचायतों और हाईवे से जुड़े विभागों के बीच पर्याप्त समन्वय नहीं होने के कारण सड़क पर मवेशियों से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने पशुपालकों पर एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। वंदना राजपूत ने कहा कि गैर-बीमित पशुओं के मालिकों की पहचान करना आसान नहीं है। कांग्रेस के अनुसार पूर्ववर्ती सरकार के समय गोबर और गौमूत्र खरीदी जैसी व्यवस्थाओं के कारण पशुपालक अपने पशुओं को बांधकर रखते थे, जबकि वर्तमान व्यवस्था में कई मवेशी खुले में घूमते दिखाई दे रहे हैं।

पुराने गौठानों की व्यवस्था का भी उठाया मुद्दा

वंदना राजपूत ने दावा किया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान प्रदेश में 10 हजार से अधिक गौठान स्थापित किए गए थे, जिनमें से करीब 8 हजार गौठान आत्मनिर्भर हो चुके थे। उन्होंने कहा कि इन गौठानों का संचालन गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जाता था। कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान सरकार इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने में सफल नहीं रही।

उन्होंने कहा कि सरकार अब गौ-अभ्यारण्य और गोधाम की नई व्यवस्था की बात कर रही है, लेकिन इसकी प्रगति को लेकर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। कांग्रेस ने अन्य राज्यों में गौ-अभ्यारण्य योजनाओं की स्थिति का हवाला देते हुए सरकार की नीति पर सवाल उठाए और कहा कि केवल नाम बदलने से गौ संरक्षण की समस्या का समाधान नहीं होगा।

वंदना राजपूत ने मांग की कि सरकार 1467 प्रस्तावित गोधाम की वास्तविक स्थिति, निर्माण की प्रगति, स्थान और संचालन व्यवस्था को सार्वजनिक करे। साथ ही सड़कों पर मवेशियों की समस्या, पशुपालकों की परेशानियों और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी एवं समन्वित व्यवस्था लागू की जाए। कांग्रेस ने कहा कि गौ संरक्षण के लिए स्पष्ट नीति और ठोस कार्ययोजना के साथ जमीनी स्तर पर परिणाम दिखाई देना जरूरी है।