स्कूलों में शिक्षकों की कमी और सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई प्रभावित : कांग्रेस

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 57 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं और पिछले ढाई वर्षों में नियमित शिक्षकों की पर्याप्त भर्ती नहीं हुई। कांग्रेस ने स्कूलों में किताबों, भवन, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

Aug 12, 2026 - 16:19
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स्कूलों में शिक्षकों की कमी और सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई प्रभावित : कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू हुए करीब दो महीने हो चुके हैं, लेकिन कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कांग्रेस ने सरकार से रिक्त पदों पर भर्ती करने और स्कूलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

सत्यप्रकाश सिंह ने दावा किया कि प्रदेश में करीब 57 हजार शिक्षकों के पद रिक्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में शिक्षकों के नए पदों पर पर्याप्त भर्ती नहीं की गई। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि संविलियन के नाम पर शिक्षकों के पद समाप्त किए गए और बड़ी संख्या में स्कूलों के बंद होने से शिक्षा व्यवस्था पर असर पड़ा है।

भर्ती घोषणाओं पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद शिक्षकों की भर्ती को लेकर कई घोषणाएं की गईं, लेकिन उनके अनुरूप भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में 35 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती की घोषणा की थी, लेकिन भर्ती नहीं हो सकी। इसी तरह वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वर्ष 2025 के बजट में 20 हजार शिक्षक भर्ती की बात कही थी।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 5 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन कांग्रेस के अनुसार केवल 1,654 पदों पर ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो सकी। कांग्रेस का कहना है कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बावजूद प्रदेश में शिक्षकों की कमी बनी हुई है।

सेवानिवृत्ति के बाद भी पद खाली

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि हर महीने बड़ी संख्या में शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन पिछले डेढ़ वर्ष में नियमित शिक्षकों की नई नियुक्तियां पर्याप्त संख्या में नहीं हो सकी हैं। उन्होंने रायपुर जिले का उदाहरण देते हुए दावा किया कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में ही 250 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं। कुछ नगर निगम स्कूलों में भी शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां होने का आरोप लगाया गया।

उन्होंने स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठाए। कांग्रेस के अनुसार प्रदेश में 12,560 से अधिक स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं और बारिश के दौरान कई भवनों की छत से पानी टपकने की समस्या सामने आती है।

सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि स्कूलों में स्वच्छ पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से छात्राओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पर्याप्त शौचालय एवं पेयजल व्यवस्था जरूरी है। कांग्रेस ने सरकार से शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती, स्कूल भवनों के सुधार, पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता तथा पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की मांग की है।