अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि 2 अक्टूबर से मुंबई में शुरू होने वाला प्रदर्शन आगे देश के अन्य शहरों में भी आयोजित किया जाएगा। उन्होंने इस आंदोलन को लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर जनभागीदारी से जोड़ते हुए गांधी जयंती के दिन आंदोलन शुरू करने की बात कही है। फिलहाल CJP की ओर से घोषित कार्यक्रम की शुरुआत मुंबई से करने की जानकारी सामने आई है।
इससे पहले 24 सितंबर को नई दिल्ली में CJP की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इसमें संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। संगठन की ओर से कहा गया था कि तय समयसीमा में इस्तीफा नहीं होने पर देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। अब दिपके ने इस प्रदर्शन की नई तारीख और शुरुआती स्थान की जानकारी साझा की है।
CJP की यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब चुनाव आयोग के भीतर विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न मामलों को लेकर दर्ज आपत्तियों पर चर्चा चल रही है। इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार कुछ फैसलों और आदेशों पर औपचारिक आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में इन आपत्तियों का संबंध नए मतदाताओं के पंजीकरण, नाम जोड़ने और हटाने, फॉर्म 6 में बदलाव तथा मतदाता डेटाबेस तक पहुंच जैसे विषयों से बताया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कुछ कदमों को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज की थीं और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं तथा तकनीकी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि, चुनाव आयोग ने संस्थागत मतभेद की व्याख्या को खारिज करते हुए कहा है कि बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में अलग-अलग राय, लिखित टिप्पणियां और आंतरिक जांच प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती हैं। आयोग ने अपने फैसलों को सर्वसम्मत बताया है।
SIR को लेकर चल रही बहस का असर अलग-अलग राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में नाम जोड़ने, हटाने और पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने जैसे मुद्दे राजनीतिक और कानूनी चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसी पृष्ठभूमि में CJP ने अपने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की घोषणा की है।
अब CJP Protest 2.0 की अगली स्थिति 26 सितंबर की समयसीमा के बाद स्पष्ट होगी। संगठन के अनुसार, निर्धारित समय तक इस्तीफा नहीं होने पर 2 अक्टूबर को मुंबई से विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और इसके बाद इसे अन्य शहरों तक ले जाने की योजना है। यह कार्यक्रम CJP की घोषणा है; इसके आगे के स्वरूप और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों या संगठन की आगामी घोषणाओं पर निर्भर करेगी।