खैरागढ़ वार्ड 11 में पार्षद रूपेंद्र रजक के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड, विकास कार्यों और समस्याओं पर जनता की राय
खैरागढ़ नगर पालिका के वार्ड नंबर 11 मां शीतला मंदिर वार्ड किल्लापारा-धरमपुरा में वर्तमान पार्षद रूपेंद्र रजक के कार्यकाल को लेकर ‘पार्षद का रिपोर्ट कार्ड’ के तहत जमीनी पड़ताल की गई। वार्डवासियों ने योजनाओं के लाभ, रावण भांठा के विकास और राशन दुकान जैसी सुविधाओं का उल्लेख किया, वहीं प्रधानमंत्री आवास और पेयजल से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं।
UNITED NEWS OF ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़ l नगर पालिका चुनाव को लेकर खैरागढ़ में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी कड़ी में ‘पार्षद का रिपोर्ट कार्ड’ के तहत हमारी टीम वार्ड नंबर 11 मां शीतला मंदिर वार्ड किल्लापारा-धरमपुरा पहुंची। नगर पालिका के आरक्षण में यह सीट अनारक्षित श्रेणी में आई है। वर्तमान में यहां भाजपा के रूपेंद्र रजक पार्षद हैं। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान वार्ड में कराए गए विकास कार्यों के साथ ही स्थानीय लोगों की समस्याओं और अपेक्षाओं को भी जाना गया।
वार्ड भ्रमण के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने पार्षद की ओर से शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने और समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध रहने की बात कही। इनमें प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, महतारी वंदन योजना और निराश्रित पेंशन जैसी योजनाओं का उल्लेख किया गया। वहीं कुछ हितग्राहियों ने बताया कि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। महिलाओं ने पेयजल की समस्या का भी मुद्दा उठाया।
पार्षद के कार्यकाल में कराए गए कार्यों में इतवारी बाजार स्थित रावण भांठा का सीसीकरण, सार्वजनिक मंच और शौचालय निर्माण का उल्लेख किया गया। सब्जी बाजार में बोर खनन कराकर पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी सामने आई। इसके अलावा वार्डवासियों को राशन लेने के लिए दूसरे वार्ड में जाने की समस्या से राहत देने के लिए वार्ड में ही राशन दुकान खुलवाने का दावा किया गया है।
रूपेंद्र रजक ने अपने कार्यकाल के दौरान शासन की योजनाओं के तहत लाभ पहुंचाने के आंकड़े भी बताए। उनके अनुसार अब तक 75 हितग्राहियों को उज्ज्वला योजना, 375 लोगों को राशन कार्ड, 150 बुजुर्गों को पेंशन और करीब 125 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आवास योजना के लाभ से वंचित हैं, उनके आवास स्वीकृत कराने के लिए भी प्रयास जारी हैं।
रूपेंद्र रजक ने कहा कि उन्होंने अपने पांच साल के कार्यकाल में वार्डवासियों की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी की ओर से दोबारा मौका मिलने पर वे चुनाव मैदान में उतरकर अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगे।
आरक्षण प्रक्रिया के बाद वार्ड नंबर 11 के अनारक्षित श्रेणी में आने से आगामी नगर पालिका चुनाव में यहां मुकाबला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि, चुनाव में कौन-कौन प्रत्याशी मैदान में उतरेंगे और जनता का रुख क्या रहेगा, यह प्रत्याशियों की घोषणा और चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल वार्ड में विकास कार्यों, प्रधानमंत्री आवास और पेयजल जैसी समस्याएं स्थानीय चुनावी चर्चा के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।