आदिवासी जमीन और खनिज ब्लॉकों के विरोध में विशाल प्रदर्शन, हजारों ग्रामीणों ने भरी हुंकार

मध्यप्रदेश के जोबट में आदिवासी किसानों की जमीन, प्रस्तावित खनिज ब्लॉकों, ग्राम सभा के अधिकारों और पेसा कानून के कथित उल्लंघन को लेकर हजारों ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल और जोबट विधायक सेना महेश पटेल के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने विशाल रैली निकालकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और जमीन से जुड़ी प्रक्रिया के दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की।

Sep 6, 2026 - 11:10
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आदिवासी जमीन और खनिज ब्लॉकों के विरोध में विशाल प्रदर्शन, हजारों ग्रामीणों ने भरी हुंकार

UNITED NEWS OF ASIA. मध्यप्रदेश के जोबट में आदिवासी किसानों की जमीन और प्रस्तावित खनिज ब्लॉकों को लेकर हजारों ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्राम सभा के अधिकारों और पेसा कानून के कथित उल्लंघन को लेकर आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, युवा, सरपंच, जनपद प्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से जमीन और खनिज ब्लॉकों से संबंधित पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक करने तथा प्रभावित ग्रामीणों को लिखित रूप में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल और जोबट विधायक सेना महेश पटेल के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आदिवासी क्षेत्रों में जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े किसी भी निर्णय में स्थानीय लोगों और ग्राम सभाओं के अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने मांग की कि यदि क्षेत्र में जमीन या खनिज ब्लॉकों को लेकर कोई सर्वे, टेंडर अथवा प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है तो उससे जुड़े सभी सरकारी दस्तावेज जनता के सामने रखे जाएं।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए महेश पटेल ने कहा कि केवल मौखिक बयान या आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। यदि आदिवासियों की जमीन नहीं ली जा रही है तो सरकार को इसकी लिखित जानकारी और आधिकारिक आदेश सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने अनुसूचित क्षेत्रों में संविधान की पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के तहत ग्राम सभाओं को मिले अधिकारों के पालन की मांग उठाई। उनका कहना था कि जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े मामलों में स्थानीय समुदाय की भूमिका और सहमति को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

जोबट विधायक सेना महेश पटेल ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए जमीन सिर्फ संपत्ति नहीं, बल्कि उसकी आजीविका, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का आधार है। उन्होंने कहा कि आदिवासी किसानों की जमीन की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। विधायक ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे को विधानसभा में भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों को मौखिक आश्वासन के बजाय ठोस और लिखित सुरक्षा देने की मांग की।

धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने जोबट में विशाल रैली निकाली। रैली के दौरान जमीन, ग्राम सभा के अधिकारों और पेसा कानून से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक जमीन और प्रस्तावित खनिज ब्लॉकों से संबंधित स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होती और आवश्यक दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए जाते, तब तक आंदोलन जारी रखने की बात कही गई है। प्रदर्शन के चलते क्षेत्र में आदिवासी जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े मुद्दे एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।