कार्यक्रम में विजय शर्मा ने परंपरा के अनुसार ग्वाला भाइयों का तिलक लगाकर स्वागत किया और उन्हें दही हांडी उत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। यादव समाज के प्रतिनिधियों ने भी पारंपरिक तरीके से खुमरी पहनाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और शहरवासी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
उत्सव के दौरान विजय शर्मा ने मंच से उपस्थित लोगों के साथ हाथी-घोड़ा-पालकी, जय कन्हैयालाल की का जयघोष किया। जयघोष के साथ कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उमंग का माहौल बन गया। हजारों की संख्या में पहुंचे लोगों ने भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में हिस्सा लिया और दही हांडी उत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न संगठनों और समाज के प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही।
विजय शर्मा ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर समस्त शहरवासियों और प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि गोविंदा उत्सव कवर्धा की गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व नहीं है, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। दही हांडी जैसे आयोजनों के माध्यम से लोगों को एक साथ आने और मिल-जुलकर उत्सव मनाने का अवसर मिलता है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्म और कर्तव्य के प्रति प्रेरणा देता है। श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके जीवन प्रसंगों से यह संदेश मिलता है कि अन्याय और अधर्म के विरुद्ध हमेशा सत्य और धर्म का साथ देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने और समाज सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
दही हांडी उत्सव में जिले के जनप्रतिनिधियों और यादव समाज के प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी रही। जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सभापति रामकुमार भट्ट, नितेश अग्रवाल सहित पार्षदगण और अन्य जनप्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान कवर्धा शहर का माहौल पूरी तरह कृष्णमय नजर आया। जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे सुनाई दिए और श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ जन्माष्टमी का पर्व मनाया। दही हांडी उत्सव में युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश देते हुए यह उत्सव संपन्न हुआ।