कबीरधाम पुलिस का साइबर जागृति अभियान, स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय

कबीरधाम पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में साइबर जागृति अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए। अभियान के दौरान OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN और पासवर्ड जैसी संवेदनशील जानकारी साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक, QR Code और APK फाइल से सावधान रहने की समझाइश दी गई। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई।

Sep 6, 2026 - 12:05
 0  3
कबीरधाम पुलिस का साइबर जागृति अभियान, स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के बताए उपाय

UNITED NEWS OF ASIA. कबीरधाम पुलिस द्वारा जिले में साइबर जागृति अभियान चलाकर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने स्कूलों, कॉलेजों और अन्य स्थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

अभियान के तहत शासकीय महाविद्यालय झलमला, ग्राम बसनी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, स्वामी विवेकानंद कॉलेज बोडला, राजानवागांव का शासकीय स्कूल, नवीन पब्लिक स्कूल, गोराज पब्लिक स्कूल, पीएम श्री आत्मानंद स्कूल पोंड़ी सहित जिले के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा परसवारा, रोहरा, बम्हनी, पनेका, सिंगारपुर, धनिया खुर्द, बोक्करखार, तरेगांव, दलदली और लरबक्की सहित कई क्षेत्रों में भी पुलिस टीमों ने पहुंचकर साइबर सुरक्षा की जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि ऑनलाइन गतिविधियों के दौरान व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी जानकारी को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। पुलिस ने समझाइश दी कि OTP, ATM PIN, CVV, UPI PIN, पासवर्ड और सोशल मीडिया के लॉगिन विवरण किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने चाहिए। अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए किसी भी संदिग्ध लिंक, QR Code, APK या फाइल को बिना जांच के खोलने अथवा डाउनलोड करने से बचना चाहिए।

पुलिस टीम ने सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। अजनबियों से सोशल मीडिया पर दोस्ती करते समय सावधानी बरतने और अपनी फोटो, वीडियो, मोबाइल नंबर, पता तथा अन्य निजी जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों की निजी जानकारी का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से ठगी या अन्य साइबर अपराधों के लिए कर सकते हैं।

अभियान के दौरान फर्जी ऑनलाइन जॉब, स्कॉलरशिप, गिफ्ट, गेमिंग और लॉटरी के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, फिशिंग लिंक और बैंक या KYC अपडेट के नाम पर भेजे जाने वाले संदिग्ध संदेशों से सतर्क रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने कहा कि किसी भी ऑनलाइन लेन-देन से पहले संबंधित व्यक्ति, संस्था या लिंक की सत्यता की जांच करना जरूरी है।

पुलिस ने साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करने की अपील की। अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो घबराने के बजाय तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने की संभावना बढ़ सकती है। इसके साथ ही नजदीकी पुलिस थाना या साइबर सेल को भी घटना की जानकारी देने की सलाह दी गई।

कबीरधाम पुलिस ने विद्यार्थियों और नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने परिवार तथा मित्रों को भी सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जानकारी दें। पुलिस का यह अभियान डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से लोगों को बचाने और समाज में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।