एमसीबी के साल्ही में सड़क विवाद: 19 लाख की सड़क उखाड़ी, फिर 4 लाख खर्च, जांच की मांग तेज

साल्ही पंचायत में बनी 19 लाख की सड़क को उखाड़कर फिर 4 लाख खर्च करने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया है। पवन सिंह ने इस पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Apr 23, 2026 - 12:17
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एमसीबी के साल्ही में सड़क विवाद: 19 लाख की सड़क उखाड़ी, फिर 4 लाख खर्च, जांच की मांग तेज

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर । साल्ही ग्राम पंचायत इन दिनों एक ऐसे विवाद को लेकर चर्चा में है, जिसने ग्रामीणों के बीच असंतोष और सवालों का माहौल पैदा कर दिया है। मामला एक सड़क निर्माण से जुड़ा है, जिसे कुछ वर्ष पहले लाखों रुपये खर्च कर बनाया गया था, लेकिन अब उसे उखाड़कर फिर से खर्च करने का आरोप सामने आया है।

जानकारी के अनुसार, साल्ही पंचायत के नोंनझरी पारा में जयमंत्री के घर से खोंधरा तक जाने वाली सड़क का निर्माण करीब 19 लाख रुपये की लागत से किया गया था। यह सड़क विशेष रूप से बैगा जनजाति के परिवारों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण मार्ग थी और इसे स्थानीय विकास का प्रतीक माना जा रहा था। उस समय इसे पूर्व विधायक गुलाब कमरों की पहल से तैयार किया गया था।

हालांकि, अब आरोप है कि वर्तमान सरपंच केवल सिंह मरकाम द्वारा बिना ग्राम सभा की अनुमति और बिना जनसहमति के इस सड़क को उखाड़ दिया गया और कहीं अन्य स्थान पर उपयोग किया गया। इतना ही नहीं, इस प्रक्रिया में फिर से करीब 4 लाख रुपये खर्च किए जाने की बात भी सामने आई है।

इस पूरे मामले को लेकर जनपद अध्यक्ष श्रीमती जानकी बाई के पति पवन सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब सड़क पहले से ही अच्छी स्थिति में थी और लोगों के उपयोग में थी, तो उसे हटाने की जरूरत क्यों पड़ी? क्या यह फैसला जनहित में लिया गया या इसमें पारदर्शिता की कमी रही?

ग्रामीणों के बीच भी इस मुद्दे को लेकर असंतोष देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंचायत में लिए जा रहे निर्णयों में अब जनता की भागीदारी कम हो रही है, जिससे ऐसे विवाद सामने आ रहे हैं। कई लोगों का मानना है कि यदि ग्राम सभा में चर्चा कर निर्णय लिया जाता, तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

इस मामले ने सरकारी धन के उपयोग और पंचायत स्तर पर पारदर्शिता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पहले से बनी सड़क को हटाकर दोबारा खर्च किया जाता है, तो यह स्वाभाविक है कि लोग इसके पीछे की मंशा और प्रक्रिया पर सवाल उठाएं।

पवन सिंह ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि जनता का विश्वास बना रहे।

यह विवाद एक बड़े सवाल की ओर इशारा करता है कि क्या विकास केवल निर्माण तक सीमित है, या उसमें जनता का विश्वास और सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

कुल मिलाकर, साल्ही पंचायत का यह मामला न केवल स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, बल्कि यह प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के लिए भी एक संकेत है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनभागीदारी को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।