किरंदुल व्यापारी संघ चुनाव में बड़ा विवाद, शपथ ग्रहण में संगठन का नाम बदला—फर्जीवाड़े के आरोप तेज

किरंदुल में व्यापारी संघ चुनाव पर नया विवाद खड़ा हो गया है। चुनाव “किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ” के नाम से हुआ था, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह “किरंदुल चैंबर ऑफ कॉमर्स एसोशिएशन” के नाम से आयोजित किया जा रहा है। बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने इसे फर्जीवाड़ा बताते हुए जनप्रतिनिधियों को गुमराह करने का आरोप लगाया है।

Nov 17, 2025 - 16:23
Nov 17, 2025 - 16:30
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किरंदुल व्यापारी संघ चुनाव में बड़ा विवाद, शपथ ग्रहण में संगठन का नाम बदला—फर्जीवाड़े के आरोप तेज

 UNITED NEWS OF ASIA. नवीन चोधरी बचेली | किरंदुल। क्षेत्र में व्यापारी संगठनों को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर गहरा हो गया है। 15 सितंबर को “किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ” के नाम से कराए गए चुनाव अब नए आरोपों के घेरे में हैं। तीन माह बाद आयोजित हो रहे शपथ ग्रहण समारोह में अचानक "किरंदुल चैंबर ऑफ कॉमर्स एसोशिएशन" का नाम सामने आने पर बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने गंभीर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि जिस संगठन के नाम पर चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई, उसी का नाम बदलकर किसी अन्य संस्था—जिसे वे एक शेयर होल्डिंग कंपनी बता रहे हैं—के नाम पर शपथ ग्रहण कराना “साफ-साफ धोखाधड़ी और व्यापारी समुदाय को गुमराह करने जैसा है।”

56 वर्ष पुरानी पंजीकृत संस्था बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम असामान्य और संदिग्ध है। वरिष्ठ व्यापारी बबलू सिद्दीकी ने दावा किया कि “किरंदुल चैंबर ऑफ कॉमर्स एसोशिएशन” वास्तव में एक निजी कंपनी है, जो दो डायरेक्टर्स के नाम पर रजिस्टर्ड है और इसका व्यापारी हितों या संघ से कोई संबंध नहीं है। इसके बावजूद सदस्यता अभियान इसी नाम के आधार पर चलाया गया, फर्जी सूचियां बनाई गईं और संघ की रसीदें काटी गईं।

संघ ने आरोप लगाया कि इस भ्रमित करने वाले नाम परिवर्तन के कारण बस्तर सांसद महेश कश्यप, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, पूर्व विधायक देवती महेंद्र कर्मा, तथा बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष श्याम सोमानी सहित कई जनप्रतिनिधियों को भी गुमराह किया जा रहा है, क्योंकि उन्हें “व्यापारी कल्याण संघ” के कार्यक्रम में बुलाया गया, लेकिन शपथ ग्रहण एक अलग संस्था के नाम पर कराया जा रहा है।

विवाद बढ़ने के बाद कई स्थानीय व्यापारी भी सतर्क हो गए हैं। उनका कहना है कि यदि चुनाव किरंदुल व्यापारी कल्याण संघ के नाम से हुआ था, तो शपथ ग्रहण किसी कंपनी के नाम से क्यों? व्यापारियों का मानना है कि पारदर्शिता होती तो संगठन का नाम अचानक नहीं बदलता।

बैलाडीला व्यापारी कल्याण संघ ने इस मामले को व्यापारी समुदाय की एकता और विश्वसनीयता पर सीधा आघात बताया है। संघ का कहना है कि यह पूरा प्रकरण न केवल व्यापारियों में भ्रम फैला रहा है, बल्कि कानूनी जांच की आवश्यकता भी पैदा करता है। उन्होंने साफ कहा कि क्षेत्र की व्यापारिक व्यवस्था को सही दिशा में बनाए रखने के लिए ऐसे फर्जीवाड़े को रोकना बेहद जरूरी है।