GSTAT के लिए तैयार हुए प्रोफेशनल्स, टैक्स एडवोकेट विवेक सारस्वत ने ट्रिब्यूनल की बारीकियों पर किया मार्गदर्शन

दुर्ग में टैक्स बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित विशेष सेमिनार में जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT) की प्रक्रिया, सेकंड अपील और पोर्टल फाइलिंग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्य वक्ता टैक्स एडवोकेट विवेक सारस्वत ने प्रोफेशनल्स को ट्रिब्यूनल के लिए तैयार रहने का आह्वान किया।

Dec 28, 2025 - 16:04
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GSTAT के लिए तैयार हुए प्रोफेशनल्स, टैक्स एडवोकेट विवेक सारस्वत ने ट्रिब्यूनल की बारीकियों पर किया मार्गदर्शन

UNITED NEWS OF ASIA. दुर्ग। जीएसटी कानून के अंतर्गत करदाताओं और अधिवक्ताओं को शीघ्र ही एक नई न्यायिक राहत मिलने जा रही है। इसी उद्देश्य को लेकर शनिवार को टैक्स बार एसोसिएशन, दुर्ग द्वारा एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ में अपनी तरह के इस प्रथम कार्यक्रम में ‘जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल (GSTAT)’ की बारीकियों पर विस्तार से मंथन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, प्रख्यात कर अधिवक्ता एवं राज्य अलंकरण से सम्मानित एडवोकेट विवेक सारस्वत ने “The Appellate Journey: Mastering Second Appeals before the GSTAT” विषय पर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं अधिवक्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने GSTAT पोर्टल के माध्यम से अपील फाइलिंग की प्रक्रिया को भी सरल शब्दों में समझाया।

ट्रिब्यूनल के गठन और कार्यप्रणाली पर फोकस

एडवोकेट विवेक सारस्वत ने कहा कि जीएसटी ट्रिब्यूनल का गठन कर व्यवस्था में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि ट्रिब्यूनल के लिए कुछ सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी हो चुकी है, जबकि कुछ नियुक्तियां अभी प्रक्रिया में हैं। संभावना जताई गई कि जनवरी 2026 से GSTAT पूर्ण रूप से कार्य करना प्रारंभ कर देगा, ऐसे में प्रोफेशनल्स का अभी से तैयार रहना अत्यंत आवश्यक है।

राज्य तकनीकी सदस्य की नियुक्ति शेष

सेमिनार में बताया गया कि GSTAT द्वारा राज्य पीठों के लिए अधिकांश सदस्यों की नियुक्ति हो चुकी है। छत्तीसगढ़ राज्य पीठ, रायपुर के लिए न्यायिक सदस्य के रूप में प्रदीप कुमार व्यास और तकनीकी सदस्य (केंद्रीय) के रूप में सतीश कुमार अग्रवाल की नियुक्ति की गई है। हालांकि, तकनीकी सदस्य (राज्य) की नियुक्ति अभी शेष है। अधिसूचना के अनुसार नव-नियुक्त सदस्य 21 जनवरी 2026 को पदभार ग्रहण करेंगे।

शंकाओं का समाधान, सेकंड अपील पर चर्चा

सेमिनार में बड़ी संख्या में कर सलाहकारों और अधिवक्ताओं ने भाग लिया। सत्र के दौरान एडवोकेट सारस्वत ने सेकंड अपील से जुड़ी कानूनी एवं तकनीकी पेचीदगियों को स्पष्ट किया और प्रतिभागियों की शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया। उन्होंने बताया कि नए ट्रिब्यूनल में केस प्रस्तुत करते समय किन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना होगा।

करदाताओं को मिलेगी बड़ी राहत

एडवोकेट विवेक सारस्वत ने GSTAT को करदाताओं के लिए “किफायती और सुगम मंच” बताया। उन्होंने कहा कि अब तक ट्रिब्यूनल के अभाव में छोटे विवादों के लिए भी हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करनी पड़ती थी। GSTAT शुरू होने से अपील के लिए प्री-डिपॉजिट की राशि विवादित टैक्स का केवल 10% होगी (अधिकतम 20 करोड़ सीजीएसटी, 20 करोड़ एसजीएसटी और 40 करोड़ आईजीएसटी तक)।
उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होगा, जिससे समय की बचत होगी और लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा संभव हो सकेगा।

कार्यक्रम में टैक्स बार एसोसिएशन, दुर्ग के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, सचिव प्रभांक ठाकुर, कोषाध्यक्ष धर्मेश शाह सहित वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश्वर राव, मिलाप चंद, राजेंद्र कोठरी एवं बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।