शहीद रंजीत कश्यप का पार्थिव देह गृहग्राम पहुँचा, नम आँखों से विदाई देने उमड़ा पूरा गांव

मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए जवान रंजीत कश्यप का पार्थिव देह जब गृहग्राम बालेंगा पहुँचा तो पूरा गांव गमगीन हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने नम आँखों से अंतिम विदाई दी, वहीं उनकी पत्नी और तीन बेटियों की पीड़ा देखकर हर किसी की आँखें भर आईं।

Sep 22, 2025 - 20:52
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शहीद रंजीत कश्यप का पार्थिव देह गृहग्राम पहुँचा, नम आँखों से विदाई देने उमड़ा पूरा गांव

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, जगदलपुर | बस्तर जिले के बालेंगा गांव का वातावरण उस समय गमगीन हो गया जब मणिपुर में उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए जवान रंजीत कश्यप का पार्थिव देह सोमवार की सुबह गृहग्राम पहुँचा। तिरंगे में लिपटे बेटे को देखकर परिजनों और ग्रामीणों की आँखें नम हो गईं। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं सभी भावुक हो उठे।

गांव में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और हर कोई शहीद को अंतिम विदाई देने आया। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल और वन मंत्री केदार कश्यप ने भी शहीद के घर पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार को ढांढस बंधाया।

जैसे ही रंजीत कश्यप का शव जगदलपुर एयरपोर्ट से बालेंगा लाया गया, पूरे गांव में मातम छा गया। परिवारजन और ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। शहीद की तीन मासूम बेटियां अभी यह समझ भी नहीं पा रही थीं कि आखिर उनके पिता अब इस दुनिया में क्यों नहीं हैं। वहीं पत्नी पति के शव और अपनी बच्चियों को देखकर टूट रही थी।

शहीद के पिता अपने इकलौते बेटे की विदाई के बाद गहरे दुख में डूब गए और भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की। वहीं मां को अब भी विश्वास नहीं हो रहा था कि जिसने कुछ दिन पहले ही हँसते-खेलते ड्यूटी पर विदा किया था, वही बेटा आज तिरंगे में लिपटकर वापस आया।

गांव के लोगों ने बताया कि रंजीत गांव की जान थे, उनकी मौजूदगी से घर-आंगन गूंजता रहता था। लेकिन आज वही रंजीत पूरे गांव को रुलाकर चला गया।