यूजीसी नए कानून के विरोध में राजपूत क्षत्रिय महासभा का प्रदर्शन, कलेक्टर रायपुर को सौंपा गया ज्ञापन
यूजीसी के नए कानून के विरोध में राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ (पंजीयन क्रमांक 1282) द्वारा रायपुर में विरोध प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर रायपुर को ज्ञापन सौंपा गया। महासभा ने इसे सामान्य वर्ग के छात्रों एवं शिक्षकों के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
UNITED NEWS OF ASIA.भुवाल रोहिताश, दुर्ग | रायपुर यूजीसी के नए कानून के विरोध में राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ रहटादाह (पंजीयन क्रमांक 1282) के द्वारा प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी क्रम में रायपुर में केंद्रीय महासभा एवं रायपुर जिले की तीनों उप समितियों – रायपुर, रायपुर दक्षिण एवं रायपुर उत्तर के संयुक्त तत्वावधान में रैली निकालकर जिला कलेक्टर रायपुर को प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
राजपूत क्षत्रिय महासभा छत्तीसगढ़ के प्रचार सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि प्रस्तावित यूजीसी कानून को लेकर समाज में गहरी चिंता व्याप्त है। उन्होंने कहा कि इस कानून के माध्यम से सामान्य वर्ग, विशेषकर स्वर्ण समाज के छात्रों एवं अध्यापकों के विरुद्ध दुर्भावनावश प्रकरण दर्ज कर उन्हें अपराधी घोषित किए जाने की आशंका बनी हुई है, जो सामान्य वर्ग के संवैधानिक अधिकारों का हनन है।
डॉ. ठाकुर ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत विद्यार्थियों और शिक्षकों को बिना किसी मानसिक दबाव के स्वस्थ वातावरण में कार्य करने का अधिकार है। यदि ऐसे कानूनों से शिक्षा जगत में भय और असुरक्षा का वातावरण बनता है, तो इसका सीधा नकारात्मक प्रभाव अध्ययन-अध्यापन व्यवस्था पर पड़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए राजपूत क्षत्रिय महासभा द्वारा इस कानून का विरोध दर्ज कराया गया है।
केंद्रीय अध्यक्ष ठाकुर बजरंग सिंह बैस के नेतृत्व में महासभा के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने रैली के रूप में नारेबाजी करते हुए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान संगठन ने मांग की कि केंद्र सरकार इस कानून पर पुनर्विचार करे और छात्रों व शिक्षकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से केंद्रीय अध्यक्ष ठाकुर बजरंग सिंह बैस, केंद्रीय उपाध्यक्ष ठाकुर पंकज सिंह भुवाल, केंद्रीय प्रचार सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह ठाकुर, केंद्रीय युवा अध्यक्ष अनुराग सिंह, वरिष्ठ पदाधिकारी रमेश कुमार सिंह, महेंद्र सिंह परिहार, अश्वनी राजपूत, कमलेश सिंह राजपूत, रायपुर दक्षिण अध्यक्ष ठाकुर इंद्र कुमार सिंह, रायपुर अध्यक्ष ठाकुर मोरध्वज सिंह बैस सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके अलावा महिला पदाधिकारियों एवं युवाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिनमें ममता राजपूत, नमिता राजपूत, आरती राजपूत, ज्योति राजपूत, कविता परमार, अलका राजपूत, चमेली ठाकुर, तनूजा ठाकुर सहित अनेक सदस्य शामिल थे।
कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में सामाजिक सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में यूजीसी के नए कानून का विरोध करते हुए सरकार से इसे वापस लेने या आवश्यक संशोधन करने की मांग की। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्रों एवं शिक्षकों के हित सुरक्षित नहीं होते, तब तक उनका लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।