कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने अधिकारियों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और सौंपे गए दायित्वों का जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें। उन्होंने शासकीय कार्यालयों में अनुशासन और समयबद्धता को आवश्यक बताते हुए कहा कि कार्यालयीन कार्यों में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। इससे आम नागरिकों, किसानों और विभिन्न कार्यों के लिए तहसील कार्यालय पहुंचने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तहसील भवन की स्थिति और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया। उन्होंने भवन में जहां आवश्यक हो वहां मरम्मत कार्य कराने तथा खराब व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासकीय कार्यालय स्वच्छ और सुव्यवस्थित होने चाहिए, ताकि कर्मचारियों के साथ-साथ कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों और किसानों को भी बेहतर वातावरण मिल सके।
कलेक्टर ने कार्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम लोगों से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि तहसील कार्यालय में बड़ी संख्या में किसान और आम नागरिक अपने विभिन्न राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में उनके साथ संवेदनशीलता और सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए।
इसके बाद कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने सहसपुर लोहारा स्थित नवीन एसडीएम कार्यालय भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भवन के विभिन्न कक्षों में जाकर वहां की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया और कार्यालय को व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कार्यालय संचालन के लिए आवश्यक सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली तथा जरूरत के अनुसार सुधार सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों और किसानों से संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार समय-सीमा के भीतर निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की कार्यप्रणाली का सीधा प्रभाव आम लोगों पर पड़ता है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी को अपने दायित्वों का गंभीरता से पालन करना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर के निर्देशों का मुख्य उद्देश्य शासकीय कार्यालयों में बेहतर अनुशासन, स्वच्छता, समयबद्धता और नागरिक केंद्रित कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना रहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यालयीन व्यवस्थाओं में लगातार सुधार करते हुए लोगों को सुगम और बेहतर प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।