इस वर्ष कक्षा 10वीं की परीक्षा में कुल 39 विद्यार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 37 विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में सफलता प्राप्त की। यह परिणाम विद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के परिश्रम को दर्शाता है।
विद्यालय के छात्र वेदांत सैनी ने 95.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर कक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया और विद्यालय के साथ-साथ अपने परिवार का नाम रोशन किया। वहीं जिआ जैन ने 94.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। अंजली सैन ने 93.6 प्रतिशत अंक के साथ तृतीय स्थान प्राप्त किया, जबकि यशिका सोनी ने 93.2 प्रतिशत अंक प्राप्त कर चतुर्थ स्थान और माही सोनी ने 90.8 प्रतिशत अंक के साथ पांचवां स्थान हासिल किया।
सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुओं और माता-पिता को दिया। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर केवल शिक्षा का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां उन्हें अच्छे संस्कार भी दिए जाते हैं, जो उनके जीवन में सफलता की राह को आसान बनाते हैं। विद्यार्थियों ने विद्यालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है।
विद्यालय के केशव बाल कल्याण समिति के सदस्यों एवं आचार्य परिवार ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया और सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की मेहनत और अनुशासन ने यह साबित कर दिया है कि निरंतर प्रयास से सफलता अवश्य मिलती है।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सम्मान समारोह विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और उनमें आत्मविश्वास का संचार करते हैं।
इस अवसर पर अनिल जैन, पत्रकार योगेश विश्वकर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
यह कार्यक्रम न केवल विद्यार्थियों के सम्मान का अवसर था, बल्कि यह शिक्षा के महत्व और संस्कारों के मूल्य को भी उजागर करता है। सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय का यह परिणाम आने वाले वर्षों में अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।