आलीराजपुर में कलेक्टर नीतू माथुर का औचक निरीक्षण, आंगनवाड़ी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

आलीराजपुर में कलेक्टर नीतू माथुर ने आंगनवाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर अनियमितताओं पर सख्ती दिखाई और संबंधित समूहों को हटाने व FIR के निर्देश दिए।

Apr 9, 2026 - 17:30
Apr 9, 2026 - 17:31
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आलीराजपुर में कलेक्टर नीतू माथुर का औचक निरीक्षण, आंगनवाड़ी अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर। आलीराजपुर जिले में आंगनवाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर नीतू माथुर ने राकसा क्रमांक-1 और चांदपुर क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा की गई और अनियमितताएं मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार और अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। राकसा क्रमांक-1 आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। कलेक्टर ने बच्चों से संवाद कर भोजन की गुणवत्ता और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

इसके बाद कलेक्टर चांदपुर में आयोजित पोषण पखवाड़ा बैठक में शामिल हुईं। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों के पोषण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

बैठक के दौरान शिकायत सामने आई कि दावानल स्वयं सहायता समूह और पटेल स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर लोगों को धमकाने की भी बात सामने आई। इस पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताते हुए दोनों समूहों को तत्काल प्रभाव से हटाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी को दिए।

निरीक्षण के दौरान चांदपुर आंगनवाड़ी केंद्र में भी कई कमियां पाई गईं। यहां बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा था और भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं थी। कलेक्टर ने संबंधित समूह को हटाने और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

कलेक्टर नीतू माथुर ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम निधि मिश्रा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मोनिका बघेल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।

यह कार्रवाई प्रशासन की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत बच्चों के पोषण और देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कलेक्टर के इस सख्त रुख से यह संदेश स्पष्ट है कि लापरवाही करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।