अबूझमाड़ के बालक आश्रम तोके की बड़ी उपलब्धि, नवोदय परीक्षा में 3 छात्रों का चयन

नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र स्थित बालक आश्रम तोके के तीन छात्रों का नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2026 में चयन हुआ है।

Apr 9, 2026 - 17:24
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अबूझमाड़ के बालक आश्रम तोके की बड़ी उपलब्धि, नवोदय परीक्षा में 3 छात्रों का चयन

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार। नारायणपुर जिले के दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र अबूझमाड़ से एक बार फिर प्रेरणादायक सफलता की खबर सामने आई है। विकासखंड ओरछा स्थित बालक आश्रम तोके के छात्रों ने जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

सत्र 2026-27 के लिए आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा में आश्रम के तीन मेधावी छात्र—दिनेश कुमेटी, अंशुमान उसेंडी और इक्षित कुमार—का चयन हुआ है। इन छात्रों की सफलता ने न केवल आश्रम बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

कलेक्टर नम्रता जैन ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए छात्रों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह सफलता साबित करती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि सही मार्गदर्शन और मेहनत हो, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

आश्रम अधीक्षक बुधराम कुमेटी ने बताया कि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्र से इस स्तर की उपलब्धि हासिल करना बेहद गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2012 से अब तक बालक आश्रम तोके के कुल 69 छात्र विभिन्न प्रतिष्ठित परीक्षाओं में चयनित हो चुके हैं, जिनमें नवोदय विद्यालय, पंडित जवाहरलाल उत्कर्ष चयन परीक्षा, एकलव्य आवासीय विद्यालय और प्रयास आवासीय विद्यालय शामिल हैं। वर्तमान में भी आश्रम के कई छात्र प्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिसका खर्च शासन द्वारा वहन किया जा रहा है।

इस सफलता के पीछे आश्रम की विशेष शैक्षणिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। छात्रों के लिए रात्रिकालीन कक्षाएं, स्मार्ट क्लास, नियमित टेस्ट और शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य सह-शैक्षणिक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

इस अवसर पर आश्रम अधीक्षक द्वारा चयनित छात्रों को एजुकेशन किट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया गया।

अबूझमाड़ जैसे क्षेत्र, जहां संसाधनों की कमी और भौगोलिक चुनौतियां हमेशा से रही हैं, वहां से इस तरह की उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि शिक्षा के माध्यम से हर बाधा को पार किया जा सकता है।

कुल मिलाकर, बालक आश्रम तोके की यह सफलता न केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय भी है, जो आने वाले समय में और भी विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की दिशा में प्रेरित करेगा।