दुर्ग: मैत्री डेंटल कॉलेज में कर्मचारी की मौत पर बवाल, मुआवजे को लेकर हंगामा
दुर्ग के अंजोरा स्थित मैत्री डेंटल कॉलेज में कर्मचारी की मौत के बाद परिजनों ने मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर हंगामा किया।
UNITED NEWS OF ASIA. रोहितास सिंह भुवाल, दुर्ग।दुर्ग जिले के अंजोरा क्षेत्र स्थित मैत्री डेंटल कॉलेज एंड नर्सिंग होम में एक कर्मचारी की मौत के बाद मंगलवार को जमकर बवाल देखने को मिला। मृतक के परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया।
जानकारी के अनुसार, अंजोरा निवासी रोमनाथ साहू, जो वर्ष 2004 से संस्थान में कार्यरत थे, मंगलवार को ड्यूटी के दौरान अचानक सीने में दर्द की शिकायत करने लगे। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रबंधन की ओर से इस घटना को हार्ट अटैक बताया जा रहा है।
हालांकि, मृतक के परिजनों का आरोप है कि रोमनाथ साहू की तबीयत बिगड़ने के समय कॉलेज प्रबंधन ने समय पर उचित व्यवस्था नहीं की। उनका कहना है कि एंबुलेंस की सुविधा समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे इलाज में देरी हुई और उनकी जान नहीं बच सकी।
घटना के बाद परिजनों ने कॉलेज परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मृतक के परिवार के लिए 20 लाख रुपये मुआवजे और पत्नी को नौकरी देने की मांग रखी है। परिजनों का आरोप है कि पिछले 24 घंटे से प्रबंधन केवल आश्वासन दे रहा है, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मौके पर चक्का जाम जैसी स्थिति भी निर्मित हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ के कारण माहौल काफी गरम हो गया। पुलिस और प्रशासन को स्थिति संभालने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
इस पूरे मामले में कॉलेज प्रबंधन का रवैया भी सवालों के घेरे में है। मीडिया द्वारा लगातार संपर्क करने के बावजूद प्रबंधन ने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया और जानकारी देने से बचता रहा। इससे मामले को लेकर और भी संदेह और नाराजगी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से संस्थान में कार्यरत कर्मचारी की इस तरह मौत होना और उसके बाद प्रबंधन का चुप्पी साध लेना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
फिलहाल, खबर लिखे जाने तक परिजनों और प्रबंधन के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और उचित मुआवजा मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर कार्यस्थलों पर कर्मचारियों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।