अपने संबोधन में श्री अग्रवाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की सफलता का आधार उसके कार्यकर्ता होते हैं। उन्होंने कहा, “आज हम जो मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद या विधायक बने हैं, वह अपने दम पर नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के कंधों पर बैठकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं।” उनके इस वक्तव्य पर सम्मेलन में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा आज जिस ऊंचाई पर पहुंची है, वह कई पीढ़ियों के त्याग, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है। पूर्वजों के बलिदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आज जो सम्मान और सत्ता मिली है, वह उन्हीं के प्रयासों का फल है। “पूर्वजों ने जो वृक्ष लगाए थे, आज हम उसका फल खा रहे हैं, इसलिए यह सोचना गलत होगा कि सब कुछ हमने ही किया है,” उन्होंने कहा।
अग्रवाल ने संगठन की मजबूती में कार्यकर्ताओं की भूमिका को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि यदि कार्यकर्ता मजबूत हैं तो पार्टी अजेय है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की गई, तो चुनाव जीतना संभव नहीं होगा। इसलिए सभी जनप्रतिनिधियों—चाहे वे मुख्यमंत्री हों, मंत्री हों या विधायक—को कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए और उनकी चिंता करनी चाहिए।
उन्होंने छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रही सरकार की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में जनसेवा के नए आयाम स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें किसी भी परिस्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने आग्रह किया कि कार्यकर्ता संकल्प लें कि जहां भाजपा अभी मजबूत नहीं है, वहां भी संगठन का विस्तार करें और पार्टी के जनाधार को और अधिक मजबूत बनाएं।
अग्रवाल ने भाजपा के संघर्षपूर्ण इतिहास को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कार्यकर्ताओं को जेल जाना पड़ता था और लाठियां खानी पड़ती थीं, लेकिन वे अपने सिद्धांतों से कभी नहीं डिगे। उन्हीं के त्याग और समर्पण ने भाजपा को आज विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनाया है।
उन्होंने इस दौरान अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी, कुशाभाऊ ठाकरे और लखीराम अग्रवाल जैसे महान नेताओं को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
अंत में उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि भाजपा में जुड़ना केवल संयोग नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का अवसर है। प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह पूरी निष्ठा, समर्पण और ईमानदारी से पार्टी और देश की सेवा करे तथा ऐसा कोई कार्य न करे जिससे संगठन की छवि को ठेस पहुंचे।