रामानुजगंज ढाबा जांच विवाद: युवक पर SC/ST एक्ट सहित मामला दर्ज, एकतरफा कार्रवाई के आरोप

रामानुजगंज में खाद्य विभाग की जांच के दौरान हुए विवाद में युवक पर SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

Mar 20, 2026 - 12:18
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रामानुजगंज ढाबा जांच विवाद: युवक पर SC/ST एक्ट सहित मामला दर्ज, एकतरफा कार्रवाई के आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, रामानुजगंज, । बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में खाद्य विभाग की जांच के दौरान उत्पन्न विवाद अब कानूनी रूप ले चुका है। ढाबों में एलपीजी गैस के उपयोग और वितरण की जांच करने पहुंची टीम और एक स्थानीय युवक के बीच हुए विवाद के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 18 मार्च को एसडीएम रामानुजगंज के निर्देश पर सहायक खाद्य अधिकारी चंपाकली दिवाकर संयुक्त टीम के साथ क्षेत्र के होटल और ढाबों में जांच कर रही थीं। यह जांच एलपीजी गैस के वितरण एवं विनिमय आदेश 2000 के तहत की जा रही थी। इसी क्रम में टीम शाम के समय रामानुजगंज रिंग रोड स्थित सूरज ढाबा पहुंची।

बताया जा रहा है कि जांच के दौरान वहां मौजूद स्थानीय निवासी राहुल जीत सिंह (30 वर्ष) मोबाइल से पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। इसी बात को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। शिकायत के अनुसार, सहायक खाद्य अधिकारी द्वारा वीडियो बनाने से मना करने पर युवक और उसके एक साथी ने कथित रूप से उनका रास्ता रोका, जातिगत टिप्पणी की और जान से मारने की धमकी दी। इससे शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।

सहायक खाद्य अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर थाना रामानुजगंज में अपराध क्रमांक 45/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं—296, 351(3), 126(2), 132, 3(5)—के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं 3(1) एवं 3(2)(v) के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। इसके बाद आरोपी राहुल जीत सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

हालांकि, इस मामले में आरोपी पक्ष ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने भी थाने में अपनी ओर से लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने केवल शासकीय अधिकारी के पक्ष में एकतरफा कार्रवाई की है।

आरोपी पक्ष का यह भी दावा है कि सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कहीं भी सहायक खाद्य अधिकारी के खिलाफ जातिगत या आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग नहीं किया गया है। ऐसे में उन्होंने मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी के साथ अन्याय न हो।

फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई