दुर्ग: ग्राम पंचायत समोदा के सरपंच अरुण गौतम का चुनाव निरस्त, SDO ने उपचुनाव के दिए आदेश

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत समोदा में सरपंच अरुण गौतम का चुनाव निरस्त कर दिया गया है। SDO राजस्व ने जांच में शपथ पत्र में तथ्य छुपाने की पुष्टि के बाद यह कार्रवाई की। अब पंचायत में उपचुनाव कराया जाएगा।

May 5, 2026 - 19:30
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दुर्ग: ग्राम पंचायत समोदा के सरपंच अरुण गौतम का चुनाव निरस्त, SDO ने उपचुनाव के दिए आदेश

UNITED NEWS OF ASIA. रोहिताश भुवाल l छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से पंचायत चुनाव से जुड़ा एक बड़ा और अहम फैसला सामने आया है, जहां ग्राम पंचायत समोदा के सरपंच अरुण गौतम का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया गया है। यह कार्रवाई SDO राजस्व दुर्ग द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 122 के तहत की गई है, जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है।

मामले की जांच के दौरान यह सामने आया कि सरपंच अरुण गौतम ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान अपने शपथ पत्र में महत्वपूर्ण तथ्यों को छुपाया था। यह तथ्य चुनावी नियमों के तहत अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाने चाहिए थे। जांच में इन तथ्यों के छुपाए जाने की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने उनके नामांकन को दोषपूर्ण मानते हुए चुनाव को निरस्त करने का निर्णय लिया।

SDO राजस्व द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों का पालन सर्वोपरि है। यदि कोई उम्मीदवार जानबूझकर जानकारी छुपाता है, तो यह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करता है। इसी आधार पर सरपंच का निर्वाचन अमान्य घोषित किया गया है।

इस फैसले के बाद अब ग्राम पंचायत समोदा में सरपंच पद के लिए उपचुनाव कराया जाएगा। SDO ने जनपद पंचायत दुर्ग को निर्देश दिए हैं कि वे जल्द से जल्द चुनाव प्रक्रिया शुरू करें, ताकि पंचायत में प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलते रहें। साथ ही, इस मामले में याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ता की 500 रुपये की प्रतिभूति राशि वापस करने के आदेश भी दिए गए हैं।

इस निर्णय के बाद समोदा पंचायत में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और स्थानीय स्तर पर चुनावी माहौल बनने लगा है। ग्रामीणों के बीच भी इस फैसले को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, जहां कुछ लोग इसे न्यायसंगत निर्णय मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देख रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला चुनावी पारदर्शिता और नियमों के पालन के लिए एक सख्त संदेश है। इससे यह स्पष्ट होता है कि प्रशासन चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले समय में उपचुनाव की तारीखों की घोषणा की जाएगी, जिसके बाद समोदा पंचायत में नए सरपंच के चयन की प्रक्रिया पूरी होगी।

कुल मिलाकर, यह मामला पंचायत स्तर पर भी चुनावी नियमों की सख्ती और जवाबदेही को दर्शाता है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।