इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन: किसानों को मिला 60% विकसित भूखंड, बने करोड़पति

इंदौर में इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमिपूजन डॉ. मोहन यादव ने किया। इस परियोजना में किसानों को 60% विकसित भूखंड लौटाने की पहल से वे करोड़पति बन रहे हैं।

May 3, 2026 - 16:07
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इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमिपूजन: किसानों को मिला 60% विकसित भूखंड, बने करोड़पति

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीन मुगल, भोपाल/इंदौर। इंदौर में 3 मई 2026 को विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमिपूजन किया गया। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शुभारंभ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। लगभग 2360 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह परियोजना राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के नए अवसर खोलेगी।

इस इकोनॉमिक कॉरिडोर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें किसानों को उनकी भूमि का 60 प्रतिशत विकसित भूखंड वापस दिया जाएगा। सरकार के इस निर्णय से कई किसान करोड़ों रुपये के प्लॉट के मालिक बन गए हैं। अनुमान है कि किसानों को कुल मिलाकर करीब 650 करोड़ रुपये के भूखंड प्राप्त हुए हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया और भूमि अधिग्रहण के लिए सहमति पत्र भी सौंपा। किसानों को उनकी जमीन का चार गुना मुआवजा देने की घोषणा से वे काफी संतुष्ट नजर आए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार किसानों को विकास में भागीदार बनाकर उनकी समृद्धि सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप देश और प्रदेश तेजी से विकास कर रहे हैं। इस कॉरिडोर से एग्री प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग और वेयरहाउसिंग जैसे क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। इससे उद्योगों की स्थापना को गति मिलेगी और लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि यह 8-लेन सुपर एक्सप्रेस-वे न केवल इंदौर और पीथमपुर को जोड़ेगा, बल्कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर से भी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इसके माध्यम से मध्यप्रदेश देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में अपनी पहचान मजबूत करेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से विकास हो रहा है। नई सड़कों और औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश को निवेश के लिए आकर्षक बनाया जा रहा है। आने वाले समय में इंदौर-उज्जैन सहित अन्य क्षेत्रों में भी बड़े विकास कार्य किए जाएंगे।

कार्यक्रम में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट ने भी इस परियोजना को प्रदेश के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल किसानों की आय बढ़ाएगी, बल्कि प्रदेश की जीडीपी को भी मजबूती देगी।

परियोजना के अंतर्गत करीब 20.28 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा और लगभग 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में नियोजित विकास किया जाएगा। 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और आधुनिक अधोसंरचना इसे भविष्य के अनुरूप बनाएगी।

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर मध्यप्रदेश के विकास का नया अध्याय साबित होगा। यह परियोजना न केवल उद्योग और निवेश को बढ़ावा देगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा में शामिल करेगी।