सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में आलीराजपुर बना प्रदेश में नंबर-1, कलेक्टर नीतू माथुर को राज्यपाल ने किया सम्मानित
आलीराजपुर जिले ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। मंगूभाई पटेल ने कलेक्टर नीतू माथुर को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया।
UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम मुगल, आलीराजपुर l आलीराजपुर जिले ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि संग्रहण में शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे मध्यप्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय बन गई है, जिसे राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया गया।
यह सम्मान भोपाल स्थित लोक भवन में आयोजित समामेलित विशेष निधि प्रबंधन समिति की 25वीं वार्षिक बैठक के दौरान प्रदान किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता मंगूभाई पटेल ने की। कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को सराहा गया और बेहतर कार्य करने वाले जिलों को सम्मानित किया गया।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि वर्ष 2024-25 के अंतर्गत आलीराजपुर जिले को 3,52,100 रुपये का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन जिले ने इस लक्ष्य को पार करते हुए 9,53,100 रुपये से अधिक की राशि एकत्रित की, जो निर्धारित लक्ष्य से लगभग तीन गुना अधिक है। इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण जिले को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
इस उपलब्धि पर सिविल सेवा दिवस के अवसर पर कलेक्टर नीतू माथुर को राज्यपाल द्वारा प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान न केवल प्रशासन की कार्यक्षमता को दर्शाता है, बल्कि जिले के नागरिकों की देशभक्ति और सहयोग भावना को भी उजागर करता है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद कलेक्टर नीतू माथुर ने कहा कि यह योगदान हमारे देश के सैनिकों के बलिदान के सामने बहुत छोटा है। उन्होंने कहा कि हम आज जिस स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीवन जी रहे हैं, वह हमारे सैनिकों के साहस और त्याग का परिणाम है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन भविष्य में भी सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि का उद्देश्य सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए आर्थिक सहायता जुटाना है। इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण होती है, जिससे समाज और सेना के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित होता है।
आलीराजपुर की यह सफलता दर्शाती है कि यदि प्रशासन और नागरिक मिलकर प्रयास करें, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। यह उपलब्धि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और भविष्य में सैनिकों के कल्याण के लिए और अधिक सहयोग सुनिश्चित करेगी।