UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर। बलरामपुर जिले से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां एक परिवार पिछले तीन वर्षों से अपनी लापता महिला सदस्य की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर है। यह मामला जिले के ग्राम पंचायत महाबीरगंज (चौकी विजयनगर, थाना रामानुजगंज) का है, जहां की निवासी सजादून खातून रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थीं।
परिजनों के अनुसार सजादून खातून की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके चलते वे उन्हें उपचार और दुआ के लिए लुतरा शरीफ लेकर गए थे। इसी दौरान शाम के समय वह अचानक वहां से कहीं चली गईं और फिर वापस नहीं लौटीं। परिवार ने तत्काल आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका।
घटना के बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन को भी सूचना दी और मदद की गुहार लगाई। बावजूद इसके, तीन वर्षों के लंबे समय के बाद भी महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस दौरान परिवार ने हर संभव प्रयास किया—रिश्तेदारों, परिचितों और विभिन्न स्थानों पर जाकर खोजबीन की, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगी।
लापता महिला के पति समीम अंसारी और उनके मासूम बेटे जिकुरुल्लाह अंसारी पिछले 36 महीनों से लगातार अपनी पत्नी और मां की तलाश में जुटे हुए हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति भी अब कमजोर हो चुकी है, लेकिन अपने प्रियजन को खोजने की उम्मीद अब भी जिंदा है। उन्होंने बताया कि वे हर उस जगह गए, जहां उनके होने की थोड़ी भी संभावना हो सकती थी।
परिवार ने अब आमजन से मदद की अपील करते हुए जानकारी देने वाले को ₹10,000 का इनाम देने की घोषणा की है। यदि किसी व्यक्ति को सजादून खातून के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है, तो वह मोबाइल नंबर 7828471273 पर संपर्क कर सकता है। परिवार को उम्मीद है कि समाज के सहयोग से उनकी तलाश पूरी हो सकेगी।
यह मामला न केवल एक परिवार के दर्द को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि गुमशुदगी के मामलों में समय पर प्रभावी कार्रवाई कितनी जरूरी होती है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से इस मामले में गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द महिला का पता लगाने की मांग की है।
गौरतलब है कि इस तरह के मामलों में समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी व्यक्ति को किसी लापता व्यक्ति के बारे में थोड़ी सी भी जानकारी मिलती है, तो उसे तुरंत संबंधित परिवार या पुलिस को सूचित करना चाहिए, ताकि किसी परिवार को उसके अपनों से मिलाया जा सके।
फिलहाल, सजादून खातून की तलाश जारी है और उनका परिवार आज भी उसी उम्मीद के साथ हर दिन गुजार रहा है कि एक दिन उनकी अपनों से मुलाकात जरूर होगी।