छिंदवाड़ा में उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण, किसानों की समस्याओं और तुलाई व्यवस्था का लिया जायजा

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने छिंदवाड़ा जिले के 6 उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर किसानों की समस्याओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तुलाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, लेकिन कुछ केंद्रों पर तकनीकी और श्रमिकों की कमी जैसी समस्याएं सामने आईं।

May 5, 2026 - 19:40
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छिंदवाड़ा में उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण, किसानों की समस्याओं और तुलाई व्यवस्था का लिया जायजा

UNITED NEWS OF ASIA.  वीरेंद्र यादव, छिंदवाड़ा l मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में किसानों से जुड़े उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए भारतीय किसान संघ के जिला एवं प्रांत पदाधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिले के 6 प्रमुख उपार्जन केंद्रों का दौरा कर वहां की व्यवस्थाओं, तुलाई प्रक्रिया और किसानों को हो रही समस्याओं का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया।

इस निरीक्षण में प्रांत सदस्य रमेश उसरेटे, जिला अध्यक्ष रामराव लाड़े, जिला उपाध्यक्ष रामभरोस पटेल, युवा वाहिनी के निखिल चंदेल एवं प्रचार प्रमुख छत्रसाल राठौड़ विशेष रूप से उपस्थित रहे। पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया।

निरीक्षण के दौरान नेर, जमुनिया, चनिया और सारना उपार्जन केंद्रों में गेहूं की तुलाई का कार्य निरंतर जारी पाया गया। हालांकि, इन केंद्रों पर तकनीकी समस्या के चलते पोर्टल पर डाटा एंट्री में बाधा उत्पन्न हो रही है। इससे किसानों को पंजीयन और भुगतान संबंधी प्रक्रियाओं में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पदाधिकारियों ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग से जल्द समाधान कराने की बात कही।

वहीं NSM उपार्जन केंद्र पर निरीक्षण के दौरान हमालों की कमी एक प्रमुख समस्या के रूप में सामने आई। श्रमिकों की कमी के कारण गेहूं की तुलाई और उठाव की गति धीमी पाई गई, जिससे किसानों को अधिक समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस पर भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने चिंता जताते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए, ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके।

दूसरी ओर वितरण केंद्रों की स्थिति संतोषजनक पाई गई, जहां कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है। यहां किसानों को किसी प्रकार की विशेष परेशानी नहीं दिखी और व्यवस्थाएं व्यवस्थित रूप से चल रही थीं।

तुलाई व्यवस्था की बात करें तो सभी केंद्रों पर निर्धारित मानक 50.300 किलोग्राम के अनुसार पारदर्शिता के साथ गेहूं की तुलाई की जा रही है। पदाधिकारियों ने इस व्यवस्था की सराहना की और इसे बनाए रखने पर जोर दिया।

भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल निरीक्षण करना ही नहीं, बल्कि किसानों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाकर उनका समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी केंद्र पर अनियमितता या लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।

इस निरीक्षण के माध्यम से किसानों को यह भरोसा मिला है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार देखने को मिलेगा।