रायगढ़ में प्रशासन-मीडिया संवाद: विकास कार्यों, प्रदूषण नियंत्रण और जनकल्याण योजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
रायगढ़ में जिला प्रशासन और मीडिया के बीच त्रैमासिक संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें विकास कार्यों, प्रदूषण नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार से जुड़ी योजनाओं की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र कुमार अग्रवाल, रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जिला प्रशासन और मीडिया प्रतिनिधियों के बीच आयोजित त्रैमासिक संवाद कार्यक्रम सकारात्मक और सार्थक माहौल में संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में जिले में चल रहे विकास कार्यों, शासन की प्राथमिकताओं और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिजीत बबन पठारे ने की। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित गतिविधियों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी साझा की।
संवाद कार्यक्रम में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण और अधोसंरचना विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और औद्योगिक इकाइयों में नियमों के सख्त पालन के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। नगरीय क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण और यातायात समस्या के समाधान के लिए बायपास निर्माण और विशेष कार्ययोजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेष रूप से खनन प्रभावित इलाकों पर फोकस किया जा रहा है। जर्जर स्कूल भवनों की जगह नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है और उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति दी जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए आधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर इलाज मिल सके।
रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के लिए नवाचारपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। खनन प्रभावित क्षेत्रों की बालिकाओं के लिए संचालित नव गुरुकुल में 150 से अधिक छात्राएं प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि इन छात्राओं को 100 प्रतिशत प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाए।
कृषि क्षेत्र में किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। लैलूंगा क्षेत्र में पारंपरिक जवाफूल चावल के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में तिलहन और पाम ऑयल फसलों की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके साथ ही जैविक खेती को बढ़ावा देकर रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
जिला खनिज न्यास मद के तहत खनन प्रभावित क्षेत्रों में पारदर्शिता के साथ विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।
आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों के माध्यम से आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और श्रम कार्ड जैसी सेवाओं में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। साथ ही 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक ग्राम पंचायत स्तर पर राजस्व पखवाड़ा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण हो सके।
पर्यटन विकास को भी प्राथमिकता देते हुए केलो नदी के उद्गम स्थल लुड़ेग सहित अन्य प्रमुख स्थलों के विकास की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर रवि राही सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह संवाद कार्यक्रम प्रशासन और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ ही विकास कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।