बागनदी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 गौवंशीय मवेशियों के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार
राजनांदगांव जिले के थाना बागनदी पुलिस ने मवेशी तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 गौवंशीय मवेशियों को बरामद किया है। पुलिस ने पिकअप वाहन सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। मामले में पशु क्रूरता और कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. नेमिश अग्रवाल l राजनांदगांव जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बागनदी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने विशेष कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से पांच गौवंशीय मवेशियों को बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध पशु तस्करी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई 25 मई 2026 की रात की गई। पुलिस अधीक्षक Ankita Sharma के निर्देशन और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी केसरीनंदन नायक के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक नंदकिशोर गौतम के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कोठीटोला कैम्प के सामने बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की जांच की जा रही थी।
जांच के दौरान सीजी 37 जे 3903 नंबर की अशोक लीलैंड पिकअप को रोककर तलाशी ली गई। वाहन में चार बैल और एक गाय बंधी हालत में पाई गईं। पुलिस ने देखा कि मवेशियों के पैर और गले बेरहमी से बांधे गए थे, जिससे पशु क्रूरता की स्थिति स्पष्ट दिखाई दे रही थी।
पुलिस ने मौके पर पांचों गौवंशीय मवेशियों को सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामद मवेशियों की अनुमानित कीमत करीब 25 हजार रुपये बताई गई है। वहीं परिवहन में प्रयुक्त पिकअप वाहन की कीमत लगभग 7 लाख रुपये आंकी गई। इस प्रकार कुल 7 लाख 25 हजार रुपये की संपत्ति पुलिस ने जब्त की है।
मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अक्षय अशोक तुरकर, फिरतु कंवर और पुरूषोत्तम नाईक शामिल हैं। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धाराएं 4, 6, 10 और 11, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मवेशियों की अवैध तस्करी और पशुओं के साथ क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिले में इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, प्रधान आरक्षक संतोष मिश्रा, पूरन पटेल, भीपेन्द्र ठाकुर तथा आरक्षक भूपेन्द्र तुमरे, टाकेश्वर पटेल और विद्याधर मांझी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस प्रशासन ने टीम की सक्रियता और तत्परता की सराहना की है।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि अवैध मवेशी तस्करी पर रोक लगाने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं पशु तस्करी या अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।