बोर्ड परीक्षा शुल्क में भारी वृद्धि के खिलाफ NSUI का विरोध, शिक्षा मंत्री के नाम DEO को सौंपा ज्ञापन
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) कबीरधाम ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई भारी वृद्धि के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने बढ़ी हुई फीस को छात्र विरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA . कवर्धा | कबीरधाम छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई बेतहाशा वृद्धि के विरोध में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) कबीरधाम ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के माध्यम से प्रदेश के शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के आह्वान पर तथा जिला अध्यक्ष शितेष चंद्रवंशी के निर्देश पर किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व NSUI शहर अध्यक्ष हरदीप पात्रे ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र एवं संगठन के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
NSUI नेताओं ने कहा कि बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई अचानक और अत्यधिक वृद्धि से ग्रामीण, आदिवासी तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों पर सीधा बोझ पड़ा है। संगठन का मानना है कि शिक्षा को सुलभ और सर्वसामान्य बनाने के बजाय सरकार द्वारा इस प्रकार की फीस वृद्धि छात्रों को पढ़ाई से दूर करने वाला कदम साबित हो सकती है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल जैसे शैक्षणिक संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देना होना चाहिए, न कि परीक्षा शुल्क बढ़ाकर उनके सामने आर्थिक बाधाएं खड़ी करना। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय शीघ्र वापस नहीं लिया गया, तो NSUI प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगी।
शहर अध्यक्ष हरदीप पात्रे ने कहा कि वर्तमान समय में महंगाई पहले से ही आम परिवारों की कमर तोड़ रही है। ऐसे में बोर्ड परीक्षा शुल्क में वृद्धि छात्रों और अभिभावकों दोनों के लिए गंभीर समस्या बन गई है। उन्होंने कहा कि कई परिवार ऐसे हैं जिनके लिए बच्चों की पढ़ाई का खर्च जुटाना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है, और अब परीक्षा शुल्क बढ़ने से विद्यार्थियों में मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।
NSUI ने ज्ञापन में अपनी प्रमुख मांगों के रूप में कहा कि परीक्षा शुल्क में की गई वृद्धि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। आर्थिक तंगी के कारण कई छात्र परीक्षा फॉर्म भरने में असमर्थ हो सकते हैं, जिससे उनका शिक्षा का अधिकार प्रभावित होगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने इस जनविरोधी निर्णय को वापस नहीं लिया, तो छात्र हितों की रक्षा के लिए आंदोलन और अधिक उग्र रूप ले सकता है।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने एक स्वर में यह मांग रखी कि शिक्षा व्यवस्था को व्यापारिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए। छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर योगेश्वर जोशी, प्रदीप भट्ट, हिरेन्द बंजारे, भानु धृतलहरे, राजीव साहू, सूरज चंद्रवंशी, विनीत मिरज, मिथलेश देवांगन, आयुष बघेल, जयंत श्रीवास, लकी देवांगन, सूरज साहू, मनीष चंद्रवंशी, रितेश साहू, निखिल बंजारे, आशीष श्रीवास, सलमान खान, मारुती तिवारी सहित बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी ने एकजुट होकर सरकार से बोर्ड परीक्षा शुल्क में की गई वृद्धि को तत्काल वापस लेने और छात्र हितों को सर्वोपरि रखने की मांग की।