सौगातों से भरा रहा ग्राम पटेली का जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर, मौके पर सैकड़ों आवेदनों का निराकरण

बालोद जिले के वनांचल ग्राम पटेली में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। शिविर में कलेक्टर सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वच्छता एवं बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई और विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को लाभ वितरित किए।

Feb 16, 2026 - 19:32
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सौगातों से भरा रहा ग्राम पटेली का जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर, मौके पर सैकड़ों आवेदनों का निराकरण

UNITED NEWS OF ASIA .परस साहू , बालोद | राज्य शासन के निर्देशानुसार जिला प्रशासन बालोद द्वारा जिले के डौण्डी विकासखण्ड के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम पटेली में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पटेली सहित ठेमाबुजुर्ग, ओरगांव, घोटिया, पचेड़ा, भर्रीटोला 36 एवं ढोर्रीठेमा सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों के लिए सौगातों से भरा रहा।

शिविर में ग्रामीणों से प्राप्त आवेदनों का विभागवार परीक्षण कर संबंधित अधिकारियों द्वारा अनेक समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। इस शिविर की विशेष बात यह रही कि कलेक्टर के निर्देश पर कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं अपर कलेक्टर सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी एक साथ बस में सवार होकर शिविर स्थल पहुंचे, जिसे ग्रामीणों ने जिला प्रशासन की अभिनव पहल बताते हुए सराहा।

शिविर में कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी तथा अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

शिविर में वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति में कलेक्टर द्वारा उपस्थित ग्रामीणों को स्वच्छता के महत्व की जानकारी देते हुए स्वयं स्वच्छ रहने तथा स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की शपथ दिलाई गई। साथ ही बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में बताते हुए इसके रोकथाम हेतु सामूहिक शपथ भी दिलाई गई।

इस अवसर पर कलेक्टर एवं अतिथियों द्वारा गर्भवती महिलाओं को सुपोषण किट भेंट कर गोदभराई रस्म संपन्न कराई गई तथा नन्हें-मुन्हें बच्चों को खीर खिलाकर अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। शिविर के दौरान फाइलेरिया मुक्ति अभियान के अंतर्गत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से फाइलेरिया की दवा का सेवन भी किया गया।

विभिन्न विभागों से प्राप्त कुल 386 आवेदनों में से बड़ी संख्या में आवेदनों का निराकरण मौके पर ही किया गया। शिविर में मत्स्य पालन विभाग द्वारा लाभार्थियों को जाल एवं आइस बॉक्स प्रदान किए गए। कृषि विभाग द्वारा कृषकों को बैटरी चलित स्प्रेयर तथा उन्नत उड़द बीज का वितरण किया गया। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 27 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए तथा टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों को निक्षय पोषण किट प्रदान की गई।

कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं अपर कलेक्टर ने शिविर में पहुंचे प्रत्येक आवेदक से व्यक्तिगत रूप से चर्चा कर समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। जिला प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों में शासन-प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का भाव देखने को मिला।