दूल्हा बने महाकाल ने दिए भक्तों को दिव्य दर्शन, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में निकली भव्य महाकाल बारात

धर्मनगरी कवर्धा में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर दूल्हा स्वरूप में सजे भगवान श्री महाकाल की भव्य बारात निकाली गई। बाबा श्री महाकाल भक्त मंडल, कवर्धा के तत्वावधान में आयोजित इस आयोजन में शिव-गौरी विवाह, भस्म आरती एवं झांकियों के माध्यम से हजारों श्रद्धालुओं ने दिव्य दर्शन का लाभ लिया।

Feb 16, 2026 - 18:30
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दूल्हा बने महाकाल ने दिए भक्तों को दिव्य दर्शन, हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति में निकली भव्य महाकाल बारात

UNITED NEWS OF ASIA .कवर्धा | धर्मनगरी कवर्धा में महाशिवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष अत्यंत भव्य, श्रद्धामय और ऐतिहासिक रूप से मनाया गया। बाबा श्री महाकाल भक्त मंडल, कवर्धा के तत्वावधान में भगवान श्री महाकाल दूल्हा स्वरूप में सुसज्जित होकर नगरवासियों के समक्ष प्रकट हुए और हजारों श्रद्धालुओं को दिव्य दर्शन प्रदान किए। पूरे नगर में भक्ति, उत्साह और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

आयोजक समिति के सदस्य विकास केशरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत श्री बूढ़ामहादेव मंदिर, कवर्धा में दोपहर 2.30 बजे भगवान शिव के महाभिषेक एवं विशेष पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके पश्चात भगवान श्री महाकाल की भव्य बारात नगर भ्रमण के लिए निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

बारात में आकर्षक झांकियां, ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्ति संगीत और शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। महाकाल की यह भव्य शोभायात्रा माँ महामाया मंदिर, कवर्धा के सामने स्थित भारत माता प्रतिमा प्रांगण, कवर्धा पहुंची, जहां भगवान शिव एवं माता गौरी का दिव्य विवाह विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया।

विवाह उपरांत भगवान श्री महाकाल की भव्य भस्म आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु भावविभोर होकर सम्मिलित हुए। पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष और मंत्रोच्चार से गूंज उठा।

इस वर्ष आयोजन का विशेष आकर्षण सिरसा से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत श्री काल भैरव की भव्य और अद्भुत झांकी रही, जिसने नगरवासियों का मन मोह लिया। झांकी में काल भैरव के साथ अघोरी, भूत-प्रेत एवं देवी-देवताओं के स्वरूपों को दर्शाया गया, जिससे बारात की शोभा और अधिक बढ़ गई। इसके साथ-साथ बाहुबली हनुमान एवं भगवान नरसिंह की झांकियों ने भी श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।

शिव-गौरी विवाह के पावन अवसर पर भगवान शिव एवं माता पार्वती को 51 किलो के विशाल लड्डू का महाभोग अर्पित किया गया, जिसे बाद में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। कार्यक्रम में कवर्धा के युवा कलाकार सोनू निर्मलकर द्वारा मां काली को समर्पित विशेष प्रस्तुति भी दी गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।

आयोजन के छठे वर्ष में इस कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण की भावना को समर्पित किया गया। प्रतिमा निर्माण से लेकर सजावट एवं अन्य व्यवस्थाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे समाज में प्रकृति संरक्षण का संदेश भी प्रसारित हुआ।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में बाबा श्री महाकाल भक्त मंडल, कवर्धा के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत की। आयोजन समिति ने प्रशासन, नगरवासियों एवं समस्त श्रद्धालुओं के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

महाशिवरात्रि का यह पर्व त्याग, तप, संयम और प्रकृति के साथ सामंजस्य का संदेश देता है। धर्मनगरी कवर्धा में आयोजित यह भव्य महाकाल बारात आने वाले वर्षों तक श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति और आस्था की अमिट छाप छोड़ गई |