कवर्धा में सीएम हेल्पलाइन 1076 और शिकायत प्रबंधन प्रणाली पर प्रशिक्षण आयोजित
कवर्धा जिला कार्यालय में सीएम हेल्पलाइन 1076 एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। कलेक्टर गोपाल वर्मा ने समय-सीमा में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश देते हुए इसे सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l कवर्धा जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सोमवार को सीएम हेल्पलाइन 1076 एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण सुशासन एवं अभिसरण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर Gopal Verma ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन शासन और आम नागरिकों के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समयबद्ध समाधान से आम लोगों का प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
प्रशिक्षण में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के विशेषज्ञ अशोक चैबे और पवन तिवारी ने सीएम हेल्पलाइन प्रणाली की कार्यप्रणाली और उसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली त्वरित शिकायत निवारण के लिए विकसित एकीकृत मंच है, जो गुड गवर्नेंस की दिशा में राज्य शासन की महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से नागरिकों की शिकायतों, सुझावों और समस्याओं का पारदर्शी एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
विशेषज्ञों ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन प्रणाली पांच प्रमुख स्तंभों पर आधारित है, जिनमें शिकायत ट्रैकिंग, समयबद्ध निवारण, नागरिक फीडबैक, पारदर्शिता एवं जवाबदेही तथा प्रभावी निगरानी शामिल हैं। प्रत्येक शिकायत को 12 अंकों का एक विशिष्ट टोकन नंबर दिया जाएगा, जिससे शिकायतकर्ता अपनी शिकायत की स्थिति हर स्तर पर ट्रैक कर सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान शिकायत श्रेणियों और उनके निवारण की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। अधिकारियों को बताया गया कि प्रत्येक शिकायत श्रेणी के लिए विभागीय स्तर पर एल-1 से एल-4 तक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शिकायत का समाधान नहीं किया जाता है तो शिकायत स्वतः उच्च स्तर पर एस्केलेट हो जाएगी।
नागरिकों की सुविधा के लिए शिकायत दर्ज कराने के विभिन्न माध्यमों की जानकारी भी दी गई। इनमें 1076 हेल्पलाइन नंबर, वेब पोर्टल और मोबाइल ऐप शामिल हैं। अधिकारियों को पोर्टल पर लॉगिन प्रक्रिया, प्रोफाइल अपडेट, डैशबोर्ड संचालन, लंबित शिकायतों की समीक्षा और समाधान रिपोर्ट अपलोड करने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि पोर्टल पर दर्ज जानकारी की सत्यता के लिए संबंधित आवेदक स्वयं जिम्मेदार होगा। गलत या अधूरी जानकारी मिलने पर शिकायत निरस्त की जा सकती है। कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल, अपर कलेक्टर विनय पोयाम, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल, एसडीएम संदीप ठाकुर, सागर सिंह राज, चेतन साहू, डिप्टी कलेक्टर रुचि शार्दूल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी, जिससे आम नागरिकों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।