कवर्धा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर कार्यशाला आयोजित, स्वच्छता और जनभागीदारी पर दिया गया जोर
कवर्धा में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, कचरा पृथक्करण और सुरक्षित अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ न नामदेव, कवर्धा l कवर्धा में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जनपद पंचायत कवर्धा के सभागार कक्ष में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यशाला में जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों के सरपंचों, सचिवों, बिहान कैडर की महिलाओं और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 का विस्तृत वाचन किया गया और प्रतिभागियों को नियमों के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण Sanjay Soni द्वारा किया गया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने और ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की।
प्रशिक्षण के दौरान कचरा पृथक्करण, ठोस अपशिष्ट के सुरक्षित निपटान, स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता और जनभागीदारी की भूमिका को प्रमुखता से समझाया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि घरों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखना क्यों जरूरी है और इससे पर्यावरण संरक्षण में किस प्रकार मदद मिलती है। साथ ही गांवों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए सामुदायिक भागीदारी को भी आवश्यक बताया गया।
जिला समन्वयक संजय सोनी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य केवल साफ-सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी स्वच्छता व्यवस्था विकसित करना भी है। उन्होंने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में प्रदूषण कम होगा और लोगों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण मिल सकेगा।
कार्यशाला में उपस्थित सरपंचों, सचिवों और बिहान कैडर की महिलाओं को गांव स्तर पर लोगों को जागरूक करने और स्वच्छता संबंधी नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर कचरा संग्रहण और निपटान की बेहतर व्यवस्था कैसे विकसित कर सकती हैं। व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से प्रतिभागियों को विभिन्न उपायों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में यह भी चर्चा हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए स्थानीय समुदाय, पंचायत प्रतिनिधियों और महिलाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। बिहान कैडर की महिलाओं को स्वच्छता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया, ताकि गांव-गांव तक स्वच्छता का संदेश पहुंच सके।
कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और गांवों में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले समय में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
यह कार्यशाला ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।