खिलाड़ियों ने मांगा अपना मैदान: सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम को खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित करने की मांग, जनदर्शन में सौंपा ज्ञापन

बालोद के खिलाड़ियों ने कलेक्टर जनदर्शन में ज्ञापन सौंपकर सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम को केवल खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित करने की मांग की है। खिलाड़ियों का कहना है कि समाजसेवी स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल द्वारा खेल विकास के उद्देश्य से दी गई भूमि पर बने इस मैदान का उपयोग अब शासकीय आयोजनों के लिए अधिक होने लगा है, जिससे मैदान की स्थिति बिगड़ रही है। उन्होंने राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों से खेल हित में निर्णायक कदम उठाने की अपील की है।

Nov 4, 2025 - 19:15
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खिलाड़ियों ने मांगा अपना मैदान: सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम को खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित करने की मांग, जनदर्शन में सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. परस साहू, बालोद। जिले के खिलाड़ियों ने सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन में एक अहम ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने बालोद मुख्यालय स्थित सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम को केवल खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित करने की मांग रखी। खिलाड़ियों का कहना है कि यह स्टेडियम समाजसेवी स्वर्गीय सरयू प्रसाद अग्रवाल द्वारा क्षेत्र के खेल विकास के उद्देश्य से दान की गई भूमि पर निर्मित है, लेकिन अब इसका उपयोग खेल आयोजनों की बजाय शासकीय कार्यक्रमों के लिए अधिक किया जा रहा है, जिससे मैदान की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

खिलाड़ियों ने अपने ज्ञापन में उल्लेख किया कि लगातार मंच और सजावट के कार्यों से मैदान की पिच व घास खराब हो गई है। ग्राउंड की स्थिति ऐसी हो गई है कि नियमित अभ्यास करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि यह मैदान जिले के सैकड़ों खिलाड़ियों के लिए एकमात्र अभ्यास स्थल है और यदि इसे शासकीय उपयोग के लिए आरक्षित कर दिया गया, तो स्थानीय खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित होगा।

पूर्व में मिला था मंत्री स्तर पर आश्वासन
खिलाड़ियों ने बताया कि इस विषय पर पूर्व में राज्य के खेल मंत्री टंकराम वर्मा को भी अवगत कराया गया था। मंत्री ने उस समय आश्वासन दिया था कि स्टेडियम का उपयोग केवल खेल प्रयोजनों के लिए किया जाएगा। बावजूद इसके, हाल के महीनों में पुनः शासकीय आयोजनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे मैदान की मूल भावना पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

“हम विरोधी नहीं, पर मैदान सिर्फ खिलाड़ियों के लिए हो” — खिलाड़ियों की स्पष्ट मांग
खिलाड़ियों ने कहा कि वे शासन या प्रशासन के विरोधी नहीं हैं, लेकिन जिले के खेल हितों की रक्षा के लिए मैदान को खेल उपयोग तक सीमित रखना आवश्यक है। उन्होंने आग्रह किया कि बालोद के इस ऐतिहासिक मैदान को एक सर्वसुविधायुक्त खेल परिसर के रूप में विकसित किया जाए, ताकि जिले के युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण सुविधा मिल सके।

ज्ञापन भेजा गया जनप्रतिनिधियों को भी
इस ज्ञापन की प्रतिलिपि राज्य के खेल मंत्री टंकराम वर्मा, शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, उपमुख्यमंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री विजय शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, राज्य लघुवनोपज उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा) यज्ञदत्त शर्मा, भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन और एथलेटिक्स संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सौरभ लूनिया को भी भेजी गई है। खिलाड़ियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मुद्दा केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि जनहित और खेल सम्मान से जुड़ा हुआ है।

 

स्थानीय नागरिकों का समर्थन
स्थानीय नागरिकों ने भी खिलाड़ियों की इस मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि स्व. अग्रवाल ने यह भूमि समाज और खेल के उत्थान के लिए दी थी, इसलिए मैदान का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए।

अब निगाहें जिला प्रशासन पर
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन इस सामूहिक मांग पर क्या निर्णय लेता है। खिलाड़ियों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन खेलों की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए मैदान को केवल खेल गतिविधियों के लिए आरक्षित करेगा और इसे एक आधुनिक खेल परिसर के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।