रामदेव का नया कदम: सिविल सेवा कोचिंग में प्रवेश, अवध ओझा को सौंपी पतंजलि IAS अकादमी की जिम्मेदारी

योग गुरु रामदेव ने शिक्षा क्षेत्र में नया कदम रखते हुए सिविल सेवा कोचिंग सेक्टर में प्रवेश किया है। पतंजलि ग्रुप ने “पतंजलि IAS अकादमी” शुरू करने की घोषणा की है, जिसका नेतृत्व अवध ओझा करेंगे। इस पहल का उद्देश्य मूल्य आधारित और सक्षम सिविल सेवक तैयार करना बताया गया है।

Jun 14, 2026 - 17:54
 0  3
रामदेव का नया कदम: सिविल सेवा कोचिंग में प्रवेश, अवध ओझा को सौंपी पतंजलि IAS अकादमी की जिम्मेदारी

UNITED NEWS OF ASIA. पतंजलि ग्रुप ने शिक्षा क्षेत्र में एक नया कदम उठाते हुए सिविल सेवा कोचिंग सेक्टर में प्रवेश की घोषणा की है। इस नए प्रोजेक्ट का उद्देश्य ऐसे सिविल सेवकों को तैयार करना बताया गया है जो मजबूत वैल्यू सिस्टम के साथ प्रशासनिक सेवाओं में योगदान दे सकें। इस पहल को “पतंजलि IAS अकादमी” नाम दिया गया है, जो हरिद्वार के पास स्थित पतंजलि कैंपस में संचालित की जाएगी।

इस अवसर पर योग गुरु रामदेव ने घोषणा करते हुए कहा कि देश को ऐसे प्रशासनिक अधिकारियों की आवश्यकता है जो केवल परीक्षा पास करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान कोचिंग सिस्टम से गुजरने के बाद कई छात्र मानसिक दबाव और असफलता की स्थिति में दिशाहीन हो जाते हैं, ऐसे में नई अकादमी एक सकारात्मक वातावरण देने का प्रयास करेगी।

इस नए वेंचर की कमान मोटिवेशनल स्पीकर और सिविल सेवा कोच अवध ओझा को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि यह अकादमी पारंपरिक कोचिंग संस्थानों से अलग होगी और यहां छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासित जीवनशैली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनके अनुसार, एकेडमी का वातावरण छात्रों को तनाव और चिंता से दूर रखते हुए बेहतर तैयारी में मदद करेगा।

रामदेव के अनुसार, इस अकादमी का उद्देश्य हर साल सैकड़ों ऐसे उम्मीदवार तैयार करना है जो भारतीय प्रशासनिक सेवा और भारतीय पुलिस सेवा जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में चयनित होकर देश की सेवा कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यहां शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और जीवन प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा।

सूत्रों के अनुसार, पतंजलि IAS अकादमी में अनुभवी शिक्षकों और विभिन्न कोचिंग संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। साथ ही छात्रों के लिए आधुनिक शिक्षण तकनीक, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नियमित मार्गदर्शन सत्रों की व्यवस्था की जाएगी।

फीस संरचना को लेकर बताया गया है कि पतंजलि विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों के लिए कोचिंग फीस अपेक्षाकृत कम रखी जाएगी, जबकि बाहरी छात्रों के लिए फीस लगभग ढाई लाख रुपये तक हो सकती है। इसके साथ ही मेधावी छात्रों के लिए 80 से 100 प्रतिशत तक की छात्रवृत्ति देने की योजना भी बनाई गई है।

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में सिविल सेवा कोचिंग का बाजार काफी बड़ा है और यह हजारों करोड़ रुपये का सेक्टर बन चुका है। ऐसे में इस क्षेत्र में नए संस्थान का प्रवेश प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा सकता है।

पतंजलि ग्रुप पहले भी विभिन्न क्षेत्रों जैसे एफएमसीजी, सुरक्षा सेवाएं और परिधान उद्योग में विस्तार कर चुका है। अब शिक्षा क्षेत्र में यह कदम समूह के विस्तार की नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।

इस घोषणा के साथ ही शिक्षा जगत में नई चर्चा शुरू हो गई है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में यह पहल सिविल सेवा कोचिंग के स्वरूप को प्रभावित कर सकती है।