उड़ी सेक्टर में LoC के पास माइन ब्लास्ट, सेना के दो जवान घायल, एयरलिफ्ट कर श्रीनगर भेजा गया

जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास एक आकस्मिक माइन ब्लास्ट में सेना के दो जवान घायल हो गए। दोनों को तत्काल एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के बादामीबाग स्थित सेना के बेस अस्पताल भेजा गया। घटना की जांच शुरू कर दी गई है और सेना पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

Jul 29, 2026 - 12:48
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उड़ी सेक्टर में LoC के पास माइन ब्लास्ट, सेना के दो जवान घायल, एयरलिफ्ट कर श्रीनगर भेजा गया

UNITED NEWS OF ASIA. जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास मंगलवार को हुए एक आकस्मिक माइन ब्लास्ट में भारतीय सेना के दो जवान घायल हो गए। घटना के बाद सेना ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और दोनों जवानों को एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के बादामीबाग स्थित सेना के बेस अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। फिलहाल दोनों जवानों की हालत पर सेना के वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं।

जानकारी के अनुसार यह हादसा कमलकोट सब-सेक्टर में 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के अंतर्गत कार्यरत 8 राष्ट्रीय राइफल्स की अपर गढ़ फॉरवर्ड पोस्ट के पास हुआ। यह क्षेत्र नियंत्रण रेखा के निकट स्थित अत्यंत संवेदनशील इलाकों में शामिल है। घटना के समय जवान नियमित गश्त और ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान अचानक एक पुरानी माइन में विस्फोट हो गया, जिससे दो जवान उसकी चपेट में आकर घायल हो गए।

धमाके के तुरंत बाद मौके पर मौजूद अन्य सैनिकों ने राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। घायल जवानों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हेलीकॉप्टर के माध्यम से श्रीनगर स्थित सेना के बेस अस्पताल भेजा गया। समय रहते चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने के कारण दोनों जवानों का इलाज तेजी से शुरू किया गया।

सेना के सूत्रों के अनुसार घायल जवानों की पहचान दफादार विजय कुमार (42) और नायक शरणपा अंगारी (28) के रूप में हुई है। दोनों 8 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात हैं और सीमावर्ती क्षेत्र में नियमित सुरक्षा दायित्व निभा रहे थे। सेना के चिकित्सा विशेषज्ञ उनकी स्वास्थ्य स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विस्फोट काफी तेज था, जिसकी आवाज आसपास के क्षेत्रों तक सुनाई दी। घटना के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर तलाशी अभियान चलाया गया। सेना यह पता लगाने में जुटी है कि विस्फोट किस परिस्थिति में हुआ और संबंधित क्षेत्र में अन्य माइन या विस्फोटक सामग्री तो मौजूद नहीं है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह एक एक्सीडेंटल माइन ब्लास्ट माना जा रहा है। हालांकि सेना ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि विस्फोट किसी पुरानी माइन के सक्रिय होने से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल का तकनीकी निरीक्षण भी कर रही हैं।

यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब जम्मू-कश्मीर में आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही संवेदनशील इलाकों में विशेष सतर्कता बरत रही हैं। हाल ही में सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए उच्च स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई थी।

सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सैनिक कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार सुरक्षा चुनौतियों के बीच देश की रक्षा में जुटे रहते हैं। ऐसे हादसे इस बात की याद दिलाते हैं कि सीमाओं पर ड्यूटी के दौरान सैनिकों को प्राकृतिक और तकनीकी दोनों प्रकार के जोखिमों का सामना करना पड़ता है।

फिलहाल सेना ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही विस्फोट के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।