स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलने पर जनपद सदस्य ने कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग, कोरबा पावर लिमिटेड पर उपेक्षा का आरोप
कोरबा जिले में जनपद सदस्य अनिल खुटे ने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कोरबा पावर लिमिटेड पर प्रभावित पंचायतों के युवाओं की अनदेखी कर बाहरी राज्यों के लोगों को नौकरी देने का आरोप लगाया और प्रशासन से हस्तक्षेप कर स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार दिलाने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा। जिले में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जनपद पंचायत कोरबा क्षेत्र के जनपद सदस्य अनिल खुटे ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कोरबा पावर लिमिटेड, पताढ़ी द्वारा प्रभावित ग्राम पंचायतों के योग्य और बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के बजाय अन्य राज्यों के लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ रही है और स्थानीय युवाओं में असंतोष का माहौल बन गया है।
27 जुलाई 2026 को सौंपे गए ज्ञापन में अनिल खुटे ने उल्लेख किया है कि ग्राम पंचायत पताढ़ी, पहंदा और खोड्डल सीधे तौर पर कोरबा पावर लिमिटेड की परियोजना से प्रभावित क्षेत्र हैं। इन पंचायतों के कई युवा शिक्षित और रोजगार की तलाश में हैं, लेकिन उन्हें उद्योग में अपेक्षित अवसर नहीं मिल रहे हैं। इसके विपरीत, कंपनी में बाहरी राज्यों के लोगों की नियुक्ति किए जाने का आरोप लगाया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसी भी औद्योगिक परियोजना का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं होता, बल्कि परियोजना से प्रभावित क्षेत्र के लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना भी होता है। यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिलेगा तो औद्योगिक विकास का लाभ प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंच पाएगा। इसी कारण प्रशासन को इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाते हुए कंपनी प्रबंधन से चर्चा करनी चाहिए।
अनिल खुटे ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि कोरबा पावर लिमिटेड के प्रबंधन को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि प्रभावित ग्राम पंचायतों के स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता मिल सके। उनका कहना है कि इससे न केवल स्थानीय बेरोजगारी कम होगी बल्कि उद्योग और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा।
ज्ञापन की प्रतिलिपि कोरबा पावर लिमिटेड, पताढ़ी के प्लांट हेड, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कोरबा तथा जिला रोजगार कार्यालय को भी भेजी गई है। इसके माध्यम से संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित किया गया है ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से उद्योग संचालन के बावजूद प्रभावित पंचायतों के युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिल पाया है। उनका मानना है कि यदि स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो इससे क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पलायन जैसी समस्याओं में भी कमी आएगी।
हालांकि, इस संबंध में कोरबा पावर लिमिटेड की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कंपनी का पक्ष प्राप्त होने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला प्रशासन के समक्ष विचाराधीन है और अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
क्षेत्र के युवाओं और ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और प्रभावित पंचायतों के योग्य युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। यदि स्थानीय लोगों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाता है तो इससे उद्योग और समाज के बीच विश्वास मजबूत होगा तथा क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी।