ग्रामीण-आदिवासी मरीजों के लिए श्री अरबिंदो हॉस्पिटल की पहल, ‘सेहत की निःशुल्क यात्रा’ शुरू
रतलाम के जैन दिवाकर श्री अरबिंदो हॉस्पिटल ने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को स्वास्थ्य योजनाओं, निःशुल्क उपचार और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी देने के लिए ‘सेहत की निःशुल्क यात्रा’ ई-प्रचार वाहन शुरू किया है। यह वाहन दूर-दराज के क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने के साथ जरूरतमंद मरीजों को उपचार और सर्जरी के लिए अस्पताल तक पहुंचने में सहायता करेगा।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l रतलाम के जैन दिवाकर श्री अरबिंदो हॉस्पिटल ने ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेहत की निःशुल्क यात्रा’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत ई-प्रचार वाहन को दूर-दराज के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में भेजा जाएगा। इस वाहन के माध्यम से लोगों को आयुष्मान भारत योजना, पीएम राहत योजना सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं और उपचार से जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। जरूरतमंद मरीजों को उपचार और सर्जरी के लिए अस्पताल तक आने-जाने में सहायता देने की भी योजना है।
‘सेहत की निःशुल्क यात्रा’ वाहन को रतलाम ट्रैफिक पुलिस डीएसपी आनंद सोनी, जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया और श्री अरबिंदो हॉस्पिटल के जनरल मैनेजर डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर अस्पताल के चिकित्सक, कर्मचारी और मरीजों के परिजन मौजूद रहे। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी को उन क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जहां जागरूकता और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच अभी भी एक चुनौती बनी हुई है।
टेली-रोबोटिक सर्जरी में वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर सर्जन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. महक भंडारी ने बताया कि ‘सेहत की निःशुल्क यात्रा’ को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। इसके जरिए ग्रामीण और आदिवासी मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार सड़क दुर्घटनाओं या गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक परेशानी और योजनाओं की जानकारी नहीं होने के कारण मरीज उपचार में देरी कर देते हैं। इसी समस्या को कम करने के लिए जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
अस्पताल की ओर से बताया गया कि पीएम राहत योजना के माध्यम से सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को 1.50 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध होने की जानकारी भी ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाई जाएगी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि योजना की जानकारी लोगों तक पहुंचने से पात्र मरीज समय पर उपचार का लाभ ले सकेंगे। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जैन दिवाकर श्री अरबिंदो हॉस्पिटल, रतलाम में कैंसर ओपीडी, कीमोथेरेपी, यूरोलॉजी, ईएनटी, ऑर्थोपेडिक उपचार, घुटने और जोड़ प्रत्यारोपण, ट्रॉमा एवं इमरजेंसी सर्जरी, लैप्रोस्कोपिक सर्जरी और रोबोटिक सर्जरी जैसी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। अस्पताल के अनुसार श्री अरबिंदो हॉस्पिटल इंदौर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा रतलाम में नियमित और साप्ताहिक ओपीडी, टेली-कंसल्टेशन तथा सर्जरी की सुविधा भी दी जा रही है। योग्य चिकित्सकों के माध्यम से निःशुल्क ओपीडी कंसल्टेशन उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
‘सेहत की निःशुल्क यात्रा’ के तहत जरूरतमंद मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के साथ आवश्यकता पड़ने पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं के सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने की संभावना भी जताई गई है। ट्रैफिक डीएसपी आनंद सोनी ने पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए तत्काल उपचार जरूरी है और योजनाओं की जानकारी के अभाव में कई लोग समय पर इलाज नहीं करा पाते। जेल अधीक्षक लक्ष्मण सिंह भदौरिया ने भी पहल की सराहना करते हुए इसके प्रचार-प्रसार में सहयोग का आश्वासन दिया।