बलरामपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप, 27 हितग्राहियों की राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर होने का दावा

बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत चाकी में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 27 गरीब हितग्राहियों के आवास और मनरेगा मजदूरी की राशि उनके खातों में पहुंचने के बजाय दूसरे लोगों के खातों में ट्रांसफर कर निकाली गई। मामले की शिकायत के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जनपद पंचायत CEO रणवीर साय के अनुसार जांच पूरी कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है।

Sep 12, 2026 - 12:21
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बलरामपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी का आरोप, 27 हितग्राहियों की राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर होने का दावा

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l बलरामपुर जिले के रामचंद्रपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत चाकी में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि करीब 27 गरीब हितग्राहियों के हक की राशि उनके बैंक खातों में पहुंचने के बजाय दूसरे लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई और बाद में उस राशि को निकाल लिया गया। ग्रामीणों के इस आरोप के बाद पंचायत स्तर पर आवास योजना और उससे जुड़े भुगतान की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि मामले में वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

ग्रामीणों के मुताबिक, कथित गड़बड़ी केवल प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि तक सीमित नहीं है, बल्कि मनरेगा के तहत मिलने वाली मजदूरी की राशि में भी अनियमितता का आरोप है। ग्रामीणों का दावा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाली करीब 1 लाख 20 हजार रुपये की राशि और मनरेगा की करीब 24 हजार रुपये की मजदूरी की रकम कुछ मामलों में दूसरे खातों में भेजी गई। उनका आरोप है कि कुछ हितग्राहियों की राशि ऐसे लोगों के खातों में भी पहुंची, जो दूसरे शहरों में रहते हैं और जिनका संबंधित हितग्राहियों से कोई संबंध नहीं बताया जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत चाकी के सभी आवास हितग्राहियों के रिकॉर्ड, बैंक खातों, भुगतान विवरण और निर्माण कार्यों का बारीकी से मिलान किया जाए तो कथित गड़बड़ी का आंकड़ा और बढ़ सकता है। प्रभावित ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जांच केवल सामने आए 27 मामलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के सभी प्रकरणों की जांच की जानी चाहिए।

मामले की शिकायत जनपद पंचायत, जिला पंचायत और कलेक्टर जनदर्शन तक किए जाने की बात ग्रामीणों ने कही है। ग्रामीणों के मुताबिक शिकायतों के बावजूद तत्काल ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी बनी हुई थी। इसी बीच स्थानीय विधायक और कृषि मंत्री रामविचार नेताम के बलरामपुर दौरे के दौरान ग्रामीणों ने उनके सामने भी अपनी समस्या रखी और कथित भुगतान गड़बड़ी की जानकारी दी।

ग्रामीणों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री रामविचार नेताम ने अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताई और गरीब हितग्राहियों के हक की राशि में किसी भी तरह की गड़बड़ी को गंभीर मामला बताया। उन्होंने अधिकारियों को मामले की जांच कर प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने के निर्देश दिए। मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि गरीबों के अधिकार से जुड़ी राशि में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि चाकी पंचायत के प्रत्येक प्रधानमंत्री आवास, संबंधित बैंक खाते, भुगतान की जानकारी और निर्माण की स्थिति का मिलान किया जाए। उनका कहना है कि जिन हितग्राहियों के नाम पर राशि स्वीकृत हुई, वास्तव में वही राशि उनके खातों में पहुंची या नहीं, इसकी जांच बैंक रिकॉर्ड के आधार पर की जानी चाहिए। साथ ही यदि किसी दूसरे खाते में राशि भेजी गई है तो इसके पीछे की प्रक्रिया और जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।

रामचंद्रपुर जनपद पंचायत के CEO रणवीर साय के अनुसार मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों और उच्च कार्यालय को भेज दी गई है। अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई का इंतजार है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जांच में यदि किसी तरह की अनियमितता या वित्तीय गड़बड़ी प्रमाणित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी और प्रभावित हितग्राहियों को उनकी राशि वापस दिलाई जाएगी। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष पर सभी की नजर है।