‘नवा तरिया आय के जरिया’ को जन आंदोलन बनाने पर जोर, सीईओ अभिषेक अग्रवाल के सख्त निर्देश

कबीरधाम जिले में ‘नवा तरिया आय के जरिया’ अभियान को जन आंदोलन बनाने के निर्देश दिए गए। सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने समीक्षा बैठक में जल संरक्षण, रोजगार सृजन और विभिन्न योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया।

Apr 19, 2026 - 19:29
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‘नवा तरिया आय के जरिया’ को जन आंदोलन बनाने पर जोर, सीईओ अभिषेक अग्रवाल के सख्त निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l  छत्तीसगढ़ के कवर्धा (कबीरधाम) जिले में जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘नवा तरिया आय के जरिया’ अभियान को लेकर प्रशासन ने सख्त और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने विभागीय समीक्षा बैठक में इस अभियान को जन आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया।

सीईओ ने अधिकारियों और मैदानी कर्मचारियों से कहा कि इस अभियान को केवल सरकारी योजना तक सीमित न रखें, बल्कि इसे जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्तर पर सफल बनाएं। उन्होंने ग्रामीणों को इस अभियान के लाभों से जोड़ने और उन्हें जल संरक्षण व आजीविका संवर्धन की गतिविधियों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों का चयन ग्रामीणों की मांग और आवश्यकता के अनुसार ही किया जाए। साथ ही, कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या खराब गुणवत्ता की शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और प्रधानमंत्री जनमन आवास के तहत अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। सीईओ ने कहा कि जिन हितग्राहियों ने पहली किस्त मिलने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है, उनसे संपर्क कर कार्य प्रारंभ कराया जाए। इसके साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर बिजली योजना के बारे में ग्रामीणों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया, ताकि वे बिजली खर्च में बचत कर सकें।

स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत निर्मित सामुदायिक शौचालयों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी जनपद पंचायत सीईओ को निर्देशित किया कि शौचालयों में साफ-सफाई, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट, व्यक्तिगत शौचालय और सेग्रीगेशन शेड जैसे विषयों पर भी विस्तार से जानकारी ली।

महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किए जा रहे कचरा संग्रहण कार्य को आगे बढ़ाने और इसे आजीविका से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

‘नवा तरिया आय के जरिया’ अभियान के तहत जिले में जल संरक्षण के लिए नए तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। इन तालाबों का उपयोग मछली पालन और सिंचाई के लिए किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी। अभी तक जिले में इस अभियान के तहत 31 कार्यों के लिए लगभग 5 करोड़ 8 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है, जिससे करीब 1 लाख 60 हजार मानव दिवस का रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

यह अभियान न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि ग्रामीणों को स्थायी आजीविका के साधन भी उपलब्ध कराएगा। आने वाले समय में इसे जिले की अन्य ग्राम पंचायतों में भी विस्तार देने की योजना है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।