78 साल बाद भी सड़क और पुलिया का इंतजार: बारिश में 42 लोगों का अनियाटोला गांव दुनिया से कट जाता है

खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के वनांचल क्षेत्र स्थित अनियाटोला गांव आज भी सड़क और पुलिया जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। मुख्य सड़क से महज दो किलोमीटर दूर बसे इस गांव में 42 लोगों का एक ही परिवार निवास करता है। बारिश के दौरान नदी में पानी बढ़ने से गांव का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। वर्षों से सड़क और पुलिया की मांग के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। प्रशासन ने अब सड़क निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने और अधूरी पुलिया का कार्य जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया है।

Jun 3, 2026 - 15:35
Jun 3, 2026 - 15:48
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78 साल बाद भी सड़क और पुलिया का इंतजार: बारिश में 42 लोगों का अनियाटोला गांव दुनिया से कट जाता है

UNITED NEWS OG  ASIA. मनोहर सेन, खैरागढ़. l खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के वनांचल क्षेत्र में स्थित अनियाटोला गांव विकास के उन दावों की हकीकत बयां करता है, जो अक्सर दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों तक सुविधाएं पहुंचाने की बात करते हैं। देश को आजाद हुए 78 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इस छोटे से गांव के लोग आज भी सड़क और पुलिया जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मुख्य सड़क से महज दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह गांव बरसात के मौसम में पूरी तरह दुनिया से कट जाता है।

अनियाटोला ग्राम पंचायत भोथली का आश्रित गांव है, जहां 42 लोगों की आबादी निवास करती है। खास बात यह है कि पूरा गांव एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों से आबाद है। ग्रामीणों के अनुसार उनके पूर्वज वर्ष 1955 में यहां आकर बसे थे और तब से लेकर आज तक परिवार की कई पीढ़ियां इसी गांव में रह रही हैं। इसके बावजूद गांव तक पहुंचने के लिए आज भी कच्चा और ऊबड़-खाबड़ रास्ता ही सहारा है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से सड़क निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। चुनावी दौर में जनप्रतिनिधि विकास के वादे करते हैं, मगर चुनाव समाप्त होने के बाद गांव की समस्याएं फिर उपेक्षा का शिकार हो जाती हैं। सड़क नहीं होने का सबसे बड़ा असर बारिश के मौसम में देखने को मिलता है, जब गांव के रास्ते में पड़ने वाली नदी उफान पर आ जाती है और आवागमन पूरी तरह बंद हो जाता है।

बरसात के दिनों में ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों का सामान लाने, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे नदी पार कर मुख्य सड़क तक पहुंचाना किसी चुनौती से कम नहीं होता। एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती, जिससे आपात स्थिति में ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं।

ग्रामीणों को उम्मीद तब जगी थी जब पिछले वर्ष नदी पर पुलिया निर्माण का कार्य शुरू हुआ था। लेकिन निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे समस्या का समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों ने मजदूरी भुगतान नहीं मिलने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि गांव के लोगों ने निर्माण कार्य में श्रम दिया, लेकिन मेहनताना तक नहीं मिला।

हालांकि गांव में बिजली और पेयजल जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जल जीवन मिशन के तहत स्थापित सोलर आधारित पानी टंकियों से ग्रामीणों को पानी मिल रहा है। इसके बावजूद सड़क और पुलिया का अभाव गांव के विकास में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

जिला पंचायत प्रशासन ने अब सड़क निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजने और अधूरी पुलिया का कार्य जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह आश्वासन भी पहले की तरह कागजों तक सीमित रहेगा या अनियाटोला के लोगों को वास्तव में वह सुविधा मिलेगी, जिसका वे दशकों से इंतजार कर रहे हैं।