छात्रों के समर्थन में आज राजभवन के सामने कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
कांग्रेस नेतृत्व ने सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों को छात्रों के समर्थन में आज रात राजभवन (या लोक भवन) के सामने विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, संसद में चर्चा और छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग उठाने को कहा है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l कांग्रेस नेतृत्व ने देशभर की सभी प्रदेश कांग्रेस समितियों (पीसीसी) को छात्रों के समर्थन में आज रात अपने-अपने राज्यों में राजभवन अथवा जहां लागू हो वहां लोक भवन के सामने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। यह निर्णय छात्र समुदाय से जुड़े मुद्दों और दिल्ली में हुए घटनाक्रम के विरोध में लिया गया है।
जारी निर्देश के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों द्वारा प्रधानमंत्री आवास की ओर किए गए मार्च के संदर्भ में सभी प्रदेश इकाइयों को तत्काल प्रदर्शन आयोजित करने के लिए कहा गया है। पार्टी ने निर्देश दिया है कि विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ-साथ फ्रंटल संगठनों, छात्र संगठनों, युवा इकाइयों और आम नागरिकों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान तीन प्रमुख मांगों को प्रमुखता से उठाने का निर्णय लिया है। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की है। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा संबंधी अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार विफल रही है।
दूसरी मांग परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं और छात्रों के भविष्य से जुड़े विषय पर संसद में विस्तृत चर्चा कराने की है। कांग्रेस का कहना है कि इस महत्वपूर्ण विषय पर संसद में व्यापक बहस होनी चाहिए ताकि छात्रों की चिंताओं का समाधान निकल सके।
तीसरी प्रमुख मांग दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की है। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को निरस्त किया जाना चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।
पार्टी नेतृत्व ने सभी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों से कहा है कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण, संगठित और प्रभावी तरीके से आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही सभी पदाधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि प्रदर्शन में आम जनता की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्रों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जा सके।
कांग्रेस के इस निर्देश की प्रतिलिपि सभी एआईसीसी महासचिवों, प्रभारियों तथा सचिवों और संयुक्त सचिवों को भी भेजी गई है। पार्टी का कहना है कि छात्र हितों, शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।