छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग तेज: एनएसयूआई ने धरसीवा, आरंग और अभनपुर में विधायकों को सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर एनएसयूआई ने धरसीवा, आरंग और अभनपुर में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि जल्द चुनाव नहीं कराए गए, तो चरणबद्ध आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इसी कड़ी में रायपुर ग्रामीण एनएसयूआई ने धरसीवा, आरंग और अभनपुर क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर सरकार से तत्काल छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग की है। संगठन के इस कदम को छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
एनएसयूआई छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया। रायपुर जिला ग्रामीण एनएसयूआई के जिला उपाध्यक्ष सूर्यप्रताप बंजारे और अजीत कोशले के संयुक्त नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान गुरु खुशवंत साहेब (कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्रीय विधायक), अनुज शर्मा (धरसीवा विधायक) और इंद्र कुमार साहू (अभनपुर विधायक) को ज्ञापन सौंपते हुए छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग रखी गई।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए सूर्यप्रताप बंजारे ने कहा कि पिछले कई वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जाने के कारण छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह छात्रों की आवाज, उनके अधिकार और भागीदारी की बुनियाद है। चुनाव न होने से छात्रों की समस्याएं प्रभावी रूप से सामने नहीं आ पा रही हैं।
अजीत कोशले ने भी इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों को नेतृत्व क्षमता, जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक मूल्यों की समझ प्रदान करते हैं। वर्तमान स्थिति में चुनाव न होने के कारण छात्रों के बीच संवाद और प्रतिनिधित्व की कमी महसूस की जा रही है, जिससे उनकी समस्याएं प्रशासन तक नहीं पहुंच पा रही हैं।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से आग्रह किया कि छात्रों के हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव बहाल किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन को और तेज करेगा।
इस दौरान एनएसयूआई के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें जिला सचिव रीतिक, आरंग विधानसभा अध्यक्ष अजीत कोशले, महासचिव अभिषेक गायकवाड़, कान्हा टंडन, सौरभ, कुलदीप, देवकुमार रात्रे, गौरव गायकवाड़, वरुण साहू, दीपक वर्मा और मुस्कान सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
एनएसयूआई का यह अभियान स्पष्ट संकेत देता है कि छात्रसंघ चुनाव का मुद्दा आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकता है। यदि सरकार ने इस पर जल्द निर्णय नहीं लिया, तो छात्र संगठनों का आंदोलन और तेज हो सकता है, जिससे राजनीतिक दबाव भी बढ़ने की संभावना है।