BRICS सम्मेलन पर अमेरिका से पाकिस्तान तक चर्चा, भारत की मेजबानी और PM मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात पर नजर
भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर अमेरिकी, पाकिस्तानी और यूरोपीय मीडिया में चर्चा तेज है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने BRICS के बढ़ते प्रभाव और सदस्य देशों के बीच मतभेदों पर रिपोर्ट प्रकाशित की है। वहीं पाकिस्तानी मीडिया ने भारत की भूमिका और PM मोदी-शी जिनपिंग मुलाकात को प्रमुखता दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. नई दिल्ली। भारत की मेजबानी में नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर दुनियाभर के मीडिया में चर्चा तेज हो गई है। सम्मेलन में BRICS के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और प्रतिनिधियों के साथ अन्य देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा ले रहे हैं। चीन, रूस और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विभिन्न देशों के नेताओं के साथ प्रस्तावित द्विपक्षीय बैठकों के कारण इस सम्मेलन पर वैश्विक स्तर पर विशेष नजर बनी हुई है।
भारत की अध्यक्षता में हो रहे BRICS सम्मेलन की कवरेज अमेरिकी और पाकिस्तानी मीडिया में भी प्रमुखता से की जा रही है। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने सम्मेलन को लेकर अपनी रिपोर्ट में BRICS के बढ़ते दायरे और सदस्य देशों के बीच मौजूद मतभेदों पर चर्चा की है। रिपोर्ट में इस बात को रेखांकित किया गया है कि संगठन में दुनिया की बड़ी आबादी वाले देश शामिल हैं, लेकिन उनके राजनीतिक और रणनीतिक हित पूरी तरह समान नहीं हैं।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में चीन, रूस, ब्राजील और भारत की उस सोच का भी उल्लेख किया गया है, जिसके तहत पश्चिमी संस्थानों पर निर्भरता कम करने की दिशा में सहयोग बढ़ाने की बात कही जाती है। BRICS में ईरान की मौजूदगी और संगठन के लगातार विस्तार को भी अमेरिकी मीडिया की नजर से महत्वपूर्ण विषय के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, BRICS सदस्य देशों के बीच सहयोग के साथ-साथ उनके अलग-अलग राष्ट्रीय हित भी लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं।
पाकिस्तानी मीडिया ने भी भारत में आयोजित हो रहे BRICS सम्मेलन को प्रमुखता दी है। पाकिस्तानी अखबार DAWN की रिपोर्ट में भारत की मेजबानी और BRICS की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने की कोशिशों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली मुलाकात को भी पाकिस्तानी मीडिया की कवरेज में खास महत्व दिया गया है। भारत और चीन के संबंधों को देखते हुए दोनों नेताओं की बातचीत को क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूरोपीय मीडिया की रिपोर्टों में BRICS को एक ऐसे आर्थिक और राजनीतिक मंच के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें शामिल देशों के हित कई मामलों में अलग-अलग हैं। कुछ विश्लेषणों में संगठन को एकीकृत सैन्य गठबंधन के बजाय विविध हितों वाले देशों के आर्थिक और कूटनीतिक मंच के रूप में पेश किया गया है। वहीं पाकिस्तानी अखबारों की कवरेज में BRICS के विस्तार और भविष्य की दिशा पर भी नजर रखी जा रही है।
BRICS की बढ़ती भूमिका के बीच डिजिटल भुगतान और सीमा पार लेनदेन को आसान बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हो रही है। भारत की अध्यक्षता के दौरान सदस्य देशों के बीच भुगतान व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने और स्थानीय मुद्राओं में लेनदेन की संभावनाओं पर जोर दिया जा रहा है। इसका एक उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भुगतान को आसान बनाना और डॉलर पर निर्भरता को कम करने के विकल्पों पर सहयोग बढ़ाना माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, भारत में आयोजित BRICS सम्मेलन केवल सदस्य देशों की बैठक तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके विस्तार, वैश्विक आर्थिक भूमिका, डिजिटल भुगतान, पश्चिमी संस्थानों पर निर्भरता और भारत-चीन संबंधों को लेकर भी दुनियाभर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अमेरिका से लेकर पाकिस्तान और यूरोप तक मीडिया की अलग-अलग व्याख्याएं इस बात को दर्शाती हैं कि BRICS को अब वैश्विक कूटनीति और अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।