कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए शिविर और स्टॉल के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की पात्रता, मिलने वाले लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं और आवेदनों को सुना तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जनविश्वास अभियान के माध्यम से प्रशासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं की पहुंच बढ़ाने और पात्र लोगों को सीधे लाभान्वित करने पर जोर दिया।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत चार हितग्राहियों को सामूहिक रूप से 5 लाख 72 हजार रुपये का लाभ प्रदान किया गया। वहीं उद्यानिकी विभाग द्वारा पीएमएफएमई योजना और समूह ऋण के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों के लिए 14 लाख 96 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई। इससे स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिलने की बात कही गई।
आजीविका मिशन से जुड़े स्व-सहायता समूहों की दीदियों को 51 लाख रुपये का वितरण किया गया। कार्यक्रम में जनपद शिक्षा केंद्र की ओर से विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल भी प्रदान की गई। वहीं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा मुख्यमंत्री निःशुल्क स्कूटी प्रदाय योजना के तहत दो छात्राओं को कुल 1 लाख 80 हजार रुपये का लाभ दिया गया। इसके अलावा लैपटॉप के लिए दोनों छात्राओं को 25-25 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई।
प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना और टंट्या मामा आर्थिक कल्याण स्वरोजगार योजना के तहत भी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इन योजनाओं के अंतर्गत कुल 4 लाख 88 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के साथ युवाओं और जरूरतमंद हितग्राहियों को स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संबल योजना, स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, दिव्यांग पेंशन और कल्याणी पेंशन से जुड़े हितग्राहियों को भी सहायता उपलब्ध कराई गई। इसके साथ ही नगर परिषद शहपुरा द्वारा पीएम स्वनिधि योजना के तहत 1 लाख 90 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। आरबीसी-6(4) के प्रकरणों में 8 लाख 32 हजार रुपये की राहत राशि भी स्वीकृत की गई।
कार्यक्रम में ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने के साथ अपनी समस्याएं भी अधिकारियों के समक्ष रखीं। प्रशासन की ओर से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने और लंबित प्रकरणों के निराकरण पर जोर दिया गया। जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। कार्यक्रम में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।