प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग सेवाएं संचालित करने की रही। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान कार्य व्यवस्था में पांच दिवसीय बैंकिंग लागू होने से उन्हें बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सकेगा। बैंक अधिकारी और कर्मचारियों के अनुसार देश के बैंकिंग क्षेत्र में कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बना रहता है। ऐसे में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक दायित्वों के लिए भी पर्याप्त समय मिल सकेगा।
प्रदर्शनकारियों ने परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों का आरोप है कि स्केल-0 से स्केल-3 तक के अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाला इंसेंटिव अपेक्षाकृत कम है, जबकि स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों को अधिक इंसेंटिव दिया जाता है। कर्मचारियों ने इस व्यवस्था में समानता की मांग करते हुए कहा कि बैंकिंग व्यवस्था को संचालित करने में स्केल-0 से स्केल-3 तक के अधिकारी और कर्मचारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बैंक कर्मचारियों का कहना है कि निचले स्केल के अधिकारी और कर्मचारी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालते हैं और कई मामलों में उनका कार्यभार भी काफी अधिक रहता है। इसके बावजूद इंसेंटिव के मामले में अंतर होने से कर्मचारियों में असंतोष है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पीएलआई व्यवस्था की समीक्षा की जाए और कर्मचारियों की जिम्मेदारियों तथा कार्यभार को ध्यान में रखते हुए अधिक समान और न्यायसंगत व्यवस्था लागू की जाए।
अधिकारी-कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति की भी जानकारी दी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार और संबंधित स्तर पर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगामी 28, 29 और 30 सितंबर को बैंक बंद रखने का आह्वान किया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि इसके बाद भी यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया जाता है तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपना सकते हैं।
प्रदर्शन के कारण बैंक कर्मचारियों में अपनी मांगों को लेकर एकजुटता दिखाई दी। कर्मचारियों ने कहा कि उनका आंदोलन केवल वेतन या व्यक्तिगत सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों और इंसेंटिव व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का प्रयास है। उन्होंने सरकार और बैंक प्रबंधन से बातचीत के जरिए दोनों मांगों का समाधान करने की अपील की।
अम्बिकापुर में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर आवाज उठाई। प्रदर्शन में शामिल बैंक कर्मियों ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। अब बैंक कर्मचारियों की आगामी रणनीति और सरकार या संबंधित बैंकिंग स्तर से मिलने वाले आश्वासन पर सभी की नजर बनी हुई है। प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मी ने अपनी मांगों और आंदोलन को लेकर पक्ष भी रखा।