मुख्यमंत्री साय ने विशेष रूप से स्कूली बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने निर्देश दिए कि जब तक पुल का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, तब तक बच्चों और क्षेत्रवासियों को जोखिम उठाकर आवागमन करने की स्थिति न बने। इसके लिए जिला प्रशासन को तत्काल सुरक्षित और सुगम वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा और जनसुविधा से जुड़े मामलों में प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।
निर्माणाधीन पुल के स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने के भी निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने खुले और खतरनाक तरीके से लगे सरियों को सुरक्षित करने, गहरे गड्ढों और अन्य जोखिम वाले स्थानों को दुरुस्त करने तथा जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग कराने को कहा है। निर्माण स्थल पर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को किसी तरह का खतरा न हो और वे सुरक्षित तरीके से वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर सकें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश में जनसुविधा से जुड़े विकास और निर्माण कार्यों को तय समयसीमा में पूरा करना संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता के साथ समयबद्धता भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी निर्माण कार्य में अनावश्यक देरी होने से उसका सीधा असर आम नागरिकों के दैनिक जीवन पर पड़ता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माणाधीन कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी काम की गति धीमी है, वहां आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनका तत्काल समाधान किया जाए और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। विकास कार्यों की प्रगति की लगातार समीक्षा करने और निर्धारित समय में काम पूरा कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभागीय अधिकारियों की होगी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों का लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचाना है। इसके लिए स्वीकृत परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करना जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े निर्माण कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए गए हैं।
खामभाठा के निर्माणाधीन पुल को लेकर मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन के स्तर पर सुरक्षा और वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था को प्राथमिकता मिलने की उम्मीद है। साथ ही पुल निर्माण की गति बढ़ाने और कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने पर भी जोर रहेगा। प्रशासनिक स्तर पर निर्माण स्थल की निगरानी और आवश्यक सुधारों के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि पुल पूरा होने तक स्थानीय लोगों, खासकर स्कूली बच्चों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी और जोखिम का सामना न करना पड़े।