राष्ट्रीय वन शहीद दिवस: बलरामपुर में वीर वनकर्मियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, कलेक्टर और DFO रहे मौजूद

राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर बलरामपुर के वन मंडलाधिकारी कार्यालय परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कलेक्टर, DFO और वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्योछावर करने वाले वनकर्मियों को नमन किया। इस दौरान बलरामपुर के दो वीर वनकर्मियों के बलिदान को विशेष रूप से याद किया गया।

Sep 11, 2026 - 16:36
 0  2
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस: बलरामपुर में वीर वनकर्मियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, कलेक्टर और DFO रहे मौजूद

UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर l राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर वन विभाग की ओर से वीर वनकर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई। बलरामपुर स्थित वन मंडलाधिकारी कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में देश की प्राकृतिक संपदा, जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वन शहीदों को याद किया गया। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीदों के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जिला कलेक्टर, वन मंडलाधिकारी DFO आलोक कुमार बाजपेयी सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र और फूल-मालाएं अर्पित कर वन शहीदों को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने वाले वनकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं।

कार्यक्रम में बलरामपुर जिले के उन दो जांबाज वनकर्मियों को विशेष रूप से याद किया गया, जिन्होंने ड्यूटी के दौरान नक्सलियों के चंगुल में फंसने के बावजूद अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटे और शहादत दी। अधिकारियों ने उनके बलिदान को याद करते हुए कहा कि इन वनकर्मियों ने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने दायित्व को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका साहस और समर्पण वन विभाग के कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम को संबोधित करते हुए DFO आलोक कुमार बाजपेयी ने बलरामपुर के शहीद वनकर्मियों के साथ देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए सभी वनकर्मियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि वन विभाग के कर्मचारी प्राकृतिक संसाधनों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं। जंगलों की सुरक्षा के दौरान कई बार उन्हें जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इसके बावजूद वे अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हैं।

अधिकारियों ने कहा कि वनकर्मियों का योगदान केवल जंगलों की निगरानी तक सीमित नहीं है। वन क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण, वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी वन अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों का बलिदान विभाग और समाज के लिए हमेशा स्मरणीय रहेगा।

कार्यक्रम के दौरान मौजूद वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहीद वनकर्मियों की स्मृति को नमन करते हुए उनके बताए कर्तव्य और निष्ठा के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि शहीद वनकर्मियों की शहादत आने वाली पीढ़ियों और विभागीय अमले को अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी और निष्ठा से काम करने की प्रेरणा देती रहेगी।

राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का यह आयोजन वन विभाग के लिए अपने दिवंगत साथियों को याद करने और उनके योगदान को सम्मान देने का अवसर रहा। बलरामपुर में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि प्राकृतिक संपदा की रक्षा में योगदान देने वाले वनकर्मियों के साहस और बलिदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।