11 सितंबर की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में रतलाम में जोरदार प्रदर्शन, मांगें नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर की राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में रतलाम में बैंककर्मियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, PLI योजना वापस लेने और लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग उठाई। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक व तेज करने की चेतावनी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. राजेश पुरोहित, रतलाम l यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 11 सितंबर को आयोजित राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में रतलाम में बैंककर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा, मित्र निवास रोड के बाहर किया गया। इसमें बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल हुए और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने सरकार और संबंधित पक्षों से उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
प्रदर्शन के दौरान बैंक कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई। कर्मचारियों का कहना है कि बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिन की कार्य व्यवस्था को लागू करने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। इसके साथ ही सरकार की PLI यानी Performance Linked Incentive योजना को वापस लेने की मांग भी की गई। बैंककर्मियों ने इस योजना को एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण बताते हुए इसमें आवश्यक संशोधन द्विपक्षीय चर्चा के माध्यम से करने की मांग रखी।
बैंक कर्मचारियों ने अपनी अन्य लंबित मांगों का भी शीघ्र निराकरण करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की मांगों पर लगातार अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना था कि कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत और सकारात्मक पहल के माध्यम से किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजय कुमार सोनी, नरेंद्र कुमार सोलंकी, आई.एल. पुरोहित, जयंत नेनानी, नरेंद्र जोशी, योगेश कोकरा, कल्पेश बैरागी, प्रकाश अग्रवाल, राजेश जोशी और अशोक कनेरिया ने बैंक कर्मचारियों की एकजुटता और लंबित मांगों को लेकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार एवं संबंधित पक्षों से बैंक कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
इस अवसर पर हरिश पालीवाल, परितोष पाठक, अविनाश यादव, सौरभ सिंघल, पीयूष चौधरी, अमित शुक्ला, पवन चौहान, आशीष शिकारी, राहुल खोईवाल, सुरेखा विजयवर्गीय, चन्दना दवे, स्वाति नायर, श्रद्धा अग्रवाल, शेल्जा मिश्रा, योगेश खोखरा, संजय, रामनिवास कछावा, प्रशांत डोडिया, अक्षय गोयल, शाश्वत शर्मा, सोनिया भाभर, जयंती आर्य, गुलाबसिंह कूडादा, अर्पिता परिहार, अरविंद मीणा, जमशेद वाधवानी, पवन मीणा, आयुष शुक्ला, विकास मीणा, सचिन सोहरा और कुलदीप कुलमी सहित बड़ी संख्या में बैंककर्मी मौजूद रहे।
प्रदर्शन में UFBU के सभी घटक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ केंद्रीय श्रमिक संगठनों, ऑल इंडिया बैंक रिटायरीज संगठन तथा श्रम संगठनों की संयुक्त समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य भी शामिल हुए। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। रतलाम में हुआ यह प्रदर्शन राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के समर्थन में बैंक कर्मचारियों की लामबंदी और लंबित मांगों को लेकर उनके विरोध का हिस्सा रहा।