स्वाइन फ्लू के मरीजों की बढ़ रही संख्या, मेडिकल कॉलेज में बनाया गया 10 बेड का अलग वार्ड
मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू के तीन मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें एक मरीज की हालत गंभीर होने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है। संक्रमण को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में 10 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है, जबकि गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू में भी बेड आरक्षित किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए संपर्क में आए लोगों की जांच शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। मेडिकल कॉलेज में अब तक स्वाइन फ्लू के तीन मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें एक मरीज की हालत गंभीर होने के बाद उसे आईसीयू में भर्ती किया गया है, जहां उसकी स्थिति पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। संक्रमण के संभावित प्रसार को देखते हुए मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए 10 बेड का अलग वार्ड तैयार किया गया है।
मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक अतुल देशकर ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के दौरान डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को आवश्यक सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सर्दी और खांसी से प्रभावित ऐसे मरीज जिनकी स्थिति कमजोर या चिंताजनक दिखाई देती है, उनका स्वाब लेकर जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन का प्रयास है कि संभावित संक्रमित मरीजों की समय पर पहचान कर उनका आवश्यक उपचार शुरू किया जा सके।
जानकारी के अनुसार स्टेशनपारा निवासी 24 वर्षीय युवक स्वाइन फ्लू से संक्रमित पाया गया है। उसे उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। वहीं शहर के एक बुजुर्ग मरीज की हालत पहले से ही गंभीर बताई जा रही है। उसे मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया है और डॉक्टरों की टीम उसके स्वास्थ्य की लगातार निगरानी कर रही है।
गुरुवार को एक अन्य मरीज के सामने आने की जानकारी भी दी गई है। इसके अलावा छुरिया निवासी 34 वर्षीय युवक की कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उसे भी उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोरोना मरीज का इलाज निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया जा रहा है। एक साथ स्वाइन फ्लू और कोविड संक्रमण के मामले सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने निगरानी और सावधानी बढ़ा दी है।
मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार किए जाने के साथ गंभीर मरीजों के उपचार के लिए आईसीयू में भी बेड आरक्षित किए गए हैं। इससे जरूरत पड़ने पर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमित मरीजों के परिजनों और उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी जुटा रही हैं। संपर्क में आने वाले लोगों की जांच-पड़ताल के साथ उन्हें संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। स्वास्थ्य अमला लोगों को स्वाइन फ्लू और कोविड के लक्षणों के प्रति भी जागरूक कर रहा है। खासकर सर्दी, खांसी और अन्य संबंधित लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी जा रही है।
लगातार सामने आ रहे संक्रमण के मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मेडिकल कॉलेज में अलग वार्ड की व्यवस्था और गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू बेड आरक्षित किए जाने से मरीजों के उपचार की तैयारियां मजबूत की गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमें संक्रमण की स्थिति पर नजर रखते हुए आवश्यक कदम उठा रही हैं। अधिकारियों के अनुसार मरीजों की स्थिति और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की चिकित्सा व्यवस्था तय की जाएगी।